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दुष्कर्म के दो दोषी समय से पहले रिहा

प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (विसं)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा काट रहे दुष्कर्म के दो दोषियों को सोमवार को समय से पहले जेल से रिहा करने का आदेश दिया। उसने कहा कि लगातार कैद wकिसी ऐसी क्रोधपूर्ण और प्रतिशोधी व्यवस्थौ पर आधारित नहीं हो सकती, जो सजा को wजेल में बंद रखकर बदले की भावना से दी जाने वाली मौतै में बदल देती है।न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता एक व्यक्ति को जेल में 30 साल से अधिक समय बिताने के बाद रिहा करने का आदेश दिया। उन्होंने 15 साल से सलाखों के पीछे जीवन गुजार रहे दुष्कर्म के एक अन्य दोषी को भी राहत प्रदान की।
न्यायमूर्ति भंभानी ने कहा कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों को जेल में और ज्यादा समय तक रखने के फैसले को wदंड देने के वैध कारणैं के आधार पर जायज "हराया जाना चाहिए, जिनका मकसद सजा, अपराध की रोकथाम, जनता की सुरक्षा और कैदियों के पुनर्वास के बीच संतुलन बनाना हो। अदालत ने यह फैसला उन दो दोषियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनाया, जिन्होंने समय-पूर्व रिहाई के उनके अनुरोध को "gकराने के सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) के फैसले को चुनौती दी थी।