सूर्या हत्याकांड : खोड़ा में तनावपूर्ण शांति, तीन मदरसे सील
प्रकाशित: 03-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
गाजियाबाद , (वीअ)। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सत्यापन कार्य तेज करते हुए प्रशासन ने मंगलवार को तीन गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कार्वाई 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कथित तौर पर उसके दोस्त असद और उसके साथियों द्वारा किये जाने के बाद की जा रही है। मामले का मुख्य आरोपी असद पुलिस के साथ एक मु"भेड़ में मारा जा चुका है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। कई दुकानें मंगलवार को बंद रहीं, जिनमें दोनों समुदायों के सदस्यों द्वारा संचालित प्रतिष्"ान भी शामिल थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए हैं। इस बीच, जिला प्रशासन और पुलिस ने खोड़ा में तीन दिवसीय ऑपरेशन क्लीन स्वीप शुरू किया, जिसके तहत किरायेदारों, व्यावसायिक प्रतिष्"ानों, अनाधिकृत संपत्तियों और संदिग्ध आपराधिक तत्वों का सत्यापन किया जा रहा है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि इलाके में संचालित तीन मदरसों को सील कर दिया गया है, क्योंकि उनका संचालन बिना किसी मान्यता के किया जा रहा था।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, सत्यापन अभियान के दौरान तीन ऐसे मदरसों की पहचान की गई, जो मदरसा बोर्ड या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण कराए बिना ही चलाए जा रहे थे। जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर यह कार्वाई की है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों का विवरण जुटाया जाएगा और उनके दाखिले के लिए पास के सरकारी या अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में व्यवस्था की जाएगी। कुमार ने बताया कि यह अभियान पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। भारी सुरक्षा के बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान मिजोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह की बेटी मृणालिनी सिंह ने मारे गए 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस हत्या से समाज में एक गलत संदेश गया है।
मृणालिनी सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा, जिस तरह से असद ने सूर्या से दोस्ती की और फिर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी, वह मानवता के दृष्टिकोण से भी गलत है। न्याय जरूर मिलेगा, क्योंकि ऊपर भगवान हैं और यहां योगी जी भी हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से ही स्थानीय भाजपा नेता परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी उनका समर्थन करते रहेंगे।खोड़ा में इंटरनेट सेवा संबंधी कार्य करने वाले स्थानीय निवासी आज़ाद सैफी ने फोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि एक व्यक्ति की करतूत की वजह से पूरे समुदाय की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा, मैं असद या उसके परिवार को निजी तौर पर नहीं जानता था। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चों की परवरिश कैसे होती है और माता-पिता को उनकी परवरिश पर ध्यान देना चाहिए। सैफी ने बताया कि कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने जिस तरह से हालात को संभाला है, वह आम तौर पर सही रहा है। एक महिला ने कहा कि अगर मृतक सूर्या चौहान के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दुकानें बंद रहती हैं, तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं है। महिला के पति का इलाके में किराना दुकान है। खोड़ा के नवनीत विहार निवासी सूर्या पर 28 मई को कहासुनी के बाद चाकू से हमला किया गया था और बाद में नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और साथियों के साथ मिलकर, मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए झगड़े के बाद किशोर पर हमला करने की साजिश रची थी। सूर्या के परिवार का दावा है कि असद और उसके साथियों ने उसे बकरीद मनाने के लिए बुलाया था। घटना के बाद फरार हुए असद (19) को पकड़ने के लिए पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, रविवार को पुलिस के साथ हुई मु"भेड़ में वह मारा गया। इस मामले में उसके पिता नवाब और दोस्त फरहान और आतिफ़ को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। प्रशासन ने सोमवार को असद के घर पर एक नोटिस चस्पा किया, जिसमें ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया गया है और चेतावनी दी गई है कि अगर घर में रहने वाले लोग 15 दिनों के अंदर जवाब नहीं देते हैं, तो मकान को ध्वस्त करने की कार्वाई की जा नदिया में लक्ष्मी भंडार सूची में मिले 173 पुरुषों के नाम, जांच के आदेश दिए गए: जिलाधिकारीकृष्णनगर, (भाषा)। पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने धुबुलिया इलाके में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम पाए जाने के बाद जांच शुरू की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली ने बताया कि इन नामों को सूची से हटा दिया गया है।पल्ली ने संवाददाताओं से कहा, wनदिया जिले के धुबुलिया इलाके में लक्ष्मी भंडार सूची में कम से कम 173 पुरुषों के नाम पाए गए थे। इन नामों को हटा दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।wएक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि कथित तौर पर 173 लक्ष्मी भंडार खाते बनाए गए और इस साल फरवरी से उनसे पैसे निकाले गए। उन्होंने कहा कि इस धोखाधड़ी के तौर-तरीकों और इसमें शामिल कुल राशि की जांच की जा रही है।सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने नदिया जिला प्रशासन को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की महिलाओं को नकद राशि देने वाली योजना लक्ष्मी भंडार के फर्जी लाभार्थियों की जांच के लिए राज्य के पुलिस प्रमुख से विशेष जांच दल (एसआईटी) ग"ित करने को कहा है।उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार के 2.2 करोड़ लाभार्थियों में से करीब 30 लाख लाभार्थी फर्जी हैं।अधिकारी ने कहा कि इस मामले में धन शोधन की जांच भी की जाएगी क्योंकि इसमें अवैध रूप से नकद अंतरण शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात सामने आयी है कि टीएमसी के शासनकाल के दौरान पुरुषों ने महिलाओं के लिए बनी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता का लाभ उ"ाया था।सकती है।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, सत्यापन अभियान के दौरान तीन ऐसे मदरसों की पहचान की गई, जो मदरसा बोर्ड या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण कराए बिना ही चलाए जा रहे थे। जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर यह कार्वाई की है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों का विवरण जुटाया जाएगा और उनके दाखिले के लिए पास के सरकारी या अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में व्यवस्था की जाएगी। कुमार ने बताया कि यह अभियान पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। भारी सुरक्षा के बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान मिजोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह की बेटी मृणालिनी सिंह ने मारे गए 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस हत्या से समाज में एक गलत संदेश गया है।
मृणालिनी सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा, जिस तरह से असद ने सूर्या से दोस्ती की और फिर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी, वह मानवता के दृष्टिकोण से भी गलत है। न्याय जरूर मिलेगा, क्योंकि ऊपर भगवान हैं और यहां योगी जी भी हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से ही स्थानीय भाजपा नेता परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी उनका समर्थन करते रहेंगे।खोड़ा में इंटरनेट सेवा संबंधी कार्य करने वाले स्थानीय निवासी आज़ाद सैफी ने फोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि एक व्यक्ति की करतूत की वजह से पूरे समुदाय की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा, मैं असद या उसके परिवार को निजी तौर पर नहीं जानता था। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चों की परवरिश कैसे होती है और माता-पिता को उनकी परवरिश पर ध्यान देना चाहिए। सैफी ने बताया कि कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने जिस तरह से हालात को संभाला है, वह आम तौर पर सही रहा है। एक महिला ने कहा कि अगर मृतक सूर्या चौहान के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दुकानें बंद रहती हैं, तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं है। महिला के पति का इलाके में किराना दुकान है। खोड़ा के नवनीत विहार निवासी सूर्या पर 28 मई को कहासुनी के बाद चाकू से हमला किया गया था और बाद में नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और साथियों के साथ मिलकर, मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए झगड़े के बाद किशोर पर हमला करने की साजिश रची थी। सूर्या के परिवार का दावा है कि असद और उसके साथियों ने उसे बकरीद मनाने के लिए बुलाया था। घटना के बाद फरार हुए असद (19) को पकड़ने के लिए पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, रविवार को पुलिस के साथ हुई मु"भेड़ में वह मारा गया। इस मामले में उसके पिता नवाब और दोस्त फरहान और आतिफ़ को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। प्रशासन ने सोमवार को असद के घर पर एक नोटिस चस्पा किया, जिसमें ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया गया है और चेतावनी दी गई है कि अगर घर में रहने वाले लोग 15 दिनों के अंदर जवाब नहीं देते हैं, तो मकान को ध्वस्त करने की कार्वाई की जा नदिया में लक्ष्मी भंडार सूची में मिले 173 पुरुषों के नाम, जांच के आदेश दिए गए: जिलाधिकारीकृष्णनगर, (भाषा)। पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने धुबुलिया इलाके में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम पाए जाने के बाद जांच शुरू की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली ने बताया कि इन नामों को सूची से हटा दिया गया है।पल्ली ने संवाददाताओं से कहा, wनदिया जिले के धुबुलिया इलाके में लक्ष्मी भंडार सूची में कम से कम 173 पुरुषों के नाम पाए गए थे। इन नामों को हटा दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।wएक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि कथित तौर पर 173 लक्ष्मी भंडार खाते बनाए गए और इस साल फरवरी से उनसे पैसे निकाले गए। उन्होंने कहा कि इस धोखाधड़ी के तौर-तरीकों और इसमें शामिल कुल राशि की जांच की जा रही है।सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने नदिया जिला प्रशासन को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की महिलाओं को नकद राशि देने वाली योजना लक्ष्मी भंडार के फर्जी लाभार्थियों की जांच के लिए राज्य के पुलिस प्रमुख से विशेष जांच दल (एसआईटी) ग"ित करने को कहा है।उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार के 2.2 करोड़ लाभार्थियों में से करीब 30 लाख लाभार्थी फर्जी हैं।अधिकारी ने कहा कि इस मामले में धन शोधन की जांच भी की जाएगी क्योंकि इसमें अवैध रूप से नकद अंतरण शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात सामने आयी है कि टीएमसी के शासनकाल के दौरान पुरुषों ने महिलाओं के लिए बनी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता का लाभ उ"ाया था।सकती है।