मुकुंदपुर में एलपीजी विस्फोट में मकान ढहा, एक व्यक्ति की हालत गंभीर, बचाव कार्य जारी
प्रकाशित: 03-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तर दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार सुबह एलपीजी विस्फोट के कारण एक मंजिला मकान ढह गया। इस घटना में मलबे में दबे 11 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना श्मशान स्थल के निकट मुकुंदपुर-दो के इशू विहार की गली नंबर एक में हुई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, विस्फोट और मकान गिरने की सूचना सुबह नौ बजकर 37 मिनट पर मिली थी। सूचना देने वाले व्यक्ति ने फोन पर अधिकारियों को बताया कि कई निवासियों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। डीएफएस के अधिकारी ने कहा, हमें सूचना मिली कि विस्फोट हुआ है और इसके कारण एक इमारत ढह गई है, जिसके मलबे में कुछ लोग फंसे हुए हैं। बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब साढ़े नौ बजे विस्फोट और मकान ढहने की सूचना मिली जिसके बाद पास में गश्त कर रहे आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) और स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्वामी ने कहा, 11 लोगों को बचा लिया गया है। एक महिला झुलस गई है और उसकी हालत गंभीर है। उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट एक बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरते समय हुआ होगा। मौके पर कुछ सिलेंडर मिले हैं।
स्वामी ने कहा, प्रारंभिक रूप से हमें पता चला है कि उस मकान में बर्तन रंगने का कारखाना संचालित हो रहा था। वहां कई गैस सिलेंडर मिले हैं। बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस को भरा जा रहा था और संभवत: यही विस्फोट का कारण प्रतीत होता है। डीएफएस अधिकारियों के अनुसार, इमारत में भूतल भी था जहां विस्फोट हुआ था।
इस स्थान का उपयोग कथित तौर पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों से छोटे एलपीजी सिलेंडरों में गैस भरने के लिए किया जा रहा था। विस्फोट के कारण मकान ढह गया। स्वामी ने कहा, प्रथम दृष्टया हमें पता चला कि घर से बर्तन रंगने का कारखाना संचालित हो रहा था। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट 250 वर्ग गज के एक मंजिला मकान में हुआ। डीएफएस ने बताया कि घायल हुए 10 लोगों को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। अधिकारियों ने ढही इमारत का मलबा हटाया। मलबे में कोई भी व्यक्ति फंसा न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने तलाश अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, स्थानीय पुलिस और एक खोजी दस्ते को घटनास्थल पर तैनात किया गया था। डीसीपी ने बताया कि सभी घायल कारखाने में काम करने वाले मजदूर थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पीटीआई-भाषा को बताया जैसे ही मैंने धमाके जैसी तेज आवाज सुनी, सबसे पहले मेरे मन में यही ख्याल आया कि गैस सिलेंडर फट गया है। हम तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और देखा कि एक मकान ढह चुका था। उन्होंने बताया कि चारों ओर धूल ही धूल थी और लोग मदद के लिए पुकार रहे थे। कुछ लोग अपने फोन पर वीडियो बना रहे थे। उन्होंने कहा, मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे वीडियो बनाना बंद करने और बचाव कार्य में शामिल होने का अनुरोध किया क्योंकि हर पल महत्वपूर्ण था। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लगभग छह लोगों ने मलबे को हटाने के लिए जो भी औजार मिले, उनसे काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ईश्वर की कृपा से हम मलबे के नीचे से एक व्यक्ति को निकालने में कामयाब रहे। वह डरे हुए और घायल थे। घटना के समय पास में ही काम कर रहे एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर वह भी घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने कहा, मैंने एक जोरदार धमाका सुना और आवाज की दिशा में भागा। जब मैं वहां पहुंचा तो स्थानीय लोग पहले से ही इकट्"ा थे और बचाव कार्य में जुटे थे। उन्होंने कहा, मलबे को हटाते समय मैं भी घायल हो गया लेकिन उस समय मुझे इसकी कोई परवाह नहीं थी। हमारा एकमात्र लक्ष्य मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाना था। मैंने मलबे से दो लोगों को निकालने में मदद की।
नई दिल्ली। उत्तर दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार सुबह एलपीजी विस्फोट के कारण एक मंजिला मकान ढह गया। इस घटना में मलबे में दबे 11 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना श्मशान स्थल के निकट मुकुंदपुर-दो के इशू विहार की गली नंबर एक में हुई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, विस्फोट और मकान गिरने की सूचना सुबह नौ बजकर 37 मिनट पर मिली थी। सूचना देने वाले व्यक्ति ने फोन पर अधिकारियों को बताया कि कई निवासियों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। डीएफएस के अधिकारी ने कहा, हमें सूचना मिली कि विस्फोट हुआ है और इसके कारण एक इमारत ढह गई है, जिसके मलबे में कुछ लोग फंसे हुए हैं। बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब साढ़े नौ बजे विस्फोट और मकान ढहने की सूचना मिली जिसके बाद पास में गश्त कर रहे आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) और स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्वामी ने कहा, 11 लोगों को बचा लिया गया है। एक महिला झुलस गई है और उसकी हालत गंभीर है। उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट एक बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरते समय हुआ होगा। मौके पर कुछ सिलेंडर मिले हैं।
स्वामी ने कहा, प्रारंभिक रूप से हमें पता चला है कि उस मकान में बर्तन रंगने का कारखाना संचालित हो रहा था। वहां कई गैस सिलेंडर मिले हैं। बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस को भरा जा रहा था और संभवत: यही विस्फोट का कारण प्रतीत होता है। डीएफएस अधिकारियों के अनुसार, इमारत में भूतल भी था जहां विस्फोट हुआ था।
इस स्थान का उपयोग कथित तौर पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों से छोटे एलपीजी सिलेंडरों में गैस भरने के लिए किया जा रहा था। विस्फोट के कारण मकान ढह गया। स्वामी ने कहा, प्रथम दृष्टया हमें पता चला कि घर से बर्तन रंगने का कारखाना संचालित हो रहा था। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट 250 वर्ग गज के एक मंजिला मकान में हुआ। डीएफएस ने बताया कि घायल हुए 10 लोगों को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। अधिकारियों ने ढही इमारत का मलबा हटाया। मलबे में कोई भी व्यक्ति फंसा न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने तलाश अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, स्थानीय पुलिस और एक खोजी दस्ते को घटनास्थल पर तैनात किया गया था। डीसीपी ने बताया कि सभी घायल कारखाने में काम करने वाले मजदूर थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पीटीआई-भाषा को बताया जैसे ही मैंने धमाके जैसी तेज आवाज सुनी, सबसे पहले मेरे मन में यही ख्याल आया कि गैस सिलेंडर फट गया है। हम तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और देखा कि एक मकान ढह चुका था। उन्होंने बताया कि चारों ओर धूल ही धूल थी और लोग मदद के लिए पुकार रहे थे। कुछ लोग अपने फोन पर वीडियो बना रहे थे। उन्होंने कहा, मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे वीडियो बनाना बंद करने और बचाव कार्य में शामिल होने का अनुरोध किया क्योंकि हर पल महत्वपूर्ण था। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लगभग छह लोगों ने मलबे को हटाने के लिए जो भी औजार मिले, उनसे काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ईश्वर की कृपा से हम मलबे के नीचे से एक व्यक्ति को निकालने में कामयाब रहे। वह डरे हुए और घायल थे। घटना के समय पास में ही काम कर रहे एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर वह भी घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने कहा, मैंने एक जोरदार धमाका सुना और आवाज की दिशा में भागा। जब मैं वहां पहुंचा तो स्थानीय लोग पहले से ही इकट्"ा थे और बचाव कार्य में जुटे थे। उन्होंने कहा, मलबे को हटाते समय मैं भी घायल हो गया लेकिन उस समय मुझे इसकी कोई परवाह नहीं थी। हमारा एकमात्र लक्ष्य मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाना था। मैंने मलबे से दो लोगों को निकालने में मदद की।