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कुख्यात अपराधी गोपाल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पुलिसकर्मी घायल

प्रकाशित: 23-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़,(पवन आश्री)। हरियाणा में अपराध एवं संगठित आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत हरियाणा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। सोनीपत पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले कुख्यात अपराधी गोपाल को पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर कर दिया गया। मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल देवेंद्र घायल हुआ है, जिसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई कर रही है। हाल के समय में हरियाणा पुलिस द्वारा कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ लगातार की गई कार्रवाइयों से स्पष्ट संदेश गया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनीपत पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीति की एक और महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी को भय, आतंक और असुरक्षा का वातावरण पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती तथा कानून के दायरे में रहते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
डीजीपी ने घायल मुख्य सिपाही देवेंद्र के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले घायल पुलिसकर्मी के इलाज का पूरा खर्चा हरियाणा पुलिस द्वारा वहन किया जाएगा।। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस आमजन की सुरक्षा, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपाल पुत्र राम सिंह निवासी गांव अटायल, जिला सोनीपत एक आदतन एवं कुख्यात अपराधी था, जिसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, आगजनी और अन्य गंभीर अपराधों सहित लगभग दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2010 में दर्ज एक हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी तथा बाद में वर्ष 2016 में गन्नौर क्षेत्र में हुई एक अन्य हत्या के मामले में भी उसे अपने साथियों सहित आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
पैरोल के दौरान भी जारी रखी आपराधिक गतिविधियां: फरवरी 2026 में वह 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल अवधि के दौरान उसने कई गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। मार्च 2026 में उसने गांव अटायल में एक शराब ठेके पर हथियारों के बल पर मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त उसने अपने साथियों के साथ मिलकर समालखा क्षेत्र से एक ब्रेजा कार चोरी की तथा एक व्यक्ति पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। पैरोल अवधि समाप्त होने के बावजूद उसने जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार चल रहा था।