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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: सुभाष सुधा

प्रकाशित: 21-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कुरुक्षेत्र, (प्रकृति आश्री)। हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के जरिए किसानों के खातों में सीधे 2 हजार रुपए की राशि साल में 3 बार जमा करवाई जाती है। यह राशि किसानों के लिए एक सम्मान है।
हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा शनिवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित कार्पाम में बोल रहे थे। इस कार्पाम में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने किसानों के समक्ष केन्द्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को रखते हुए कहा कि इस सरकार ने 12 सालों में किसानों को जो सम्मान दिया है आज तक किसी सरकार ने नहीं दिया।
इस सरकार ने किसानों की आय में इजाफा करने, लागत कम करने और किसानों को सशक्त बनाने के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। इसी तरह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी दिन रात किसानों के हित के लिए कार्य कर रहे है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 23वीं किश्त के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को 18800 करोड़ रुपये की सम्मान राशि का हस्तांतरण सफलतापूर्वक सीधे लाभार्थियो के खातों में स्थानांतरित की गई है। यह स्थानांतरण तारकेश्वर हुगली , पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि उत्सव के अवसर पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत फरवरी 2019 तक रजिस्टर्ड भूमि के मालिक किसानों को वर्ष में तीन बार रुपये 2 हजार की राशि उनके बैंक खाता में हस्तांतरित की जाती है, परंतु वकील, डॉक्टर, जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी एवं रुपये 10 हजार से अधिक पेंशन लेने वाले पेंशन होल्डर आयकरदाता किसान की किसान इस योजना के पात्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिला में कुल 304 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। इस अवसर पर सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डा. सुरेश कुमार, एसडीओ डा. जितेन्द्र मैहता, कृषि विज्ञान केन्द्र अधिकारी डा. बलजीत सहारन, परियोजना अधिकारी गर्व बठला उपस्थित रहें।