युवा सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं: सैनी
प्रकाशित: 31-01-2026 | लेखक: पवन आश्री
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे ज्ञान, विनम्रता, सफलता, संवेदनशीलता और शक्ति के साथ सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यही हमारे महान गुरुओं का संदेश और जीवन का मार्गदर्शन है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पावार को चण्डीगढ के श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज के 61 वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सिख एजुकेशन सोसायटी को 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सिख एजुकेशन सोसायटी की सराहना करते हुए कहा कि समारोह में आकर उन्हें अत्यंत गर्व और गौरव की अनुभूति हो रही है। यह समारोह धर्म, शौर्य और बलिदान के प्रतीक दसवें पातशाह, श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जब हम श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का स्मरण करते हैं, तो आंखों के सामने एक वीर योद्धा का स्वरूप उभर कर आता है जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता, धर्म और न्याय के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने हमें सिखाया कि सिर कटाया जा सकता है, पर सिद्धांत नहीं, शरीर मिट सकता है, पर आत्मसम्मान नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज का यह स्थापना दिवस उस महान परंपरा, विचारधारा और चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को जागृत रखा है, जो कॉलेज के स्थापना वर्ष 1966 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर की गई थी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुरु जी ने त्याग, साहस व मानवता का संदेश दिया, उसी प्रकार इस कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु जी के महान गुणों का विकास करना है और यही इस कॉलेज की आत्मा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भी अहम भूमिका होती है जो केवल पाठ्पाम ही नहीं पढ़ाते बल्कि जीवन का मार्ग भी दिखाते हैं। इसके अलावा गुरु परम्परा का निर्वहन करते हुए शिक्षक ज्ञान के साथ साथ बच्चों को संस्कारवान बनाने का भी कार्य करते हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज केवल शिक्षा ज्ञान प्रदान करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और मानव निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर सिख एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सरदार गुरदेव सिंह बराड़, उपाध्यक्ष सरदार कुलबीर सिंह, सचिव कर्नल जसमेर सिंह बाला, प्राधानाचार्य जसविन्दर सिंह सहित शिक्षक एवं युवा उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुरु जी ने त्याग, साहस व मानवता का संदेश दिया, उसी प्रकार इस कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु जी के महान गुणों का विकास करना है और यही इस कॉलेज की आत्मा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भी अहम भूमिका होती है जो केवल पाठ्पाम ही नहीं पढ़ाते बल्कि जीवन का मार्ग भी दिखाते हैं। इसके अलावा गुरु परम्परा का निर्वहन करते हुए शिक्षक ज्ञान के साथ साथ बच्चों को संस्कारवान बनाने का भी कार्य करते हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज केवल शिक्षा ज्ञान प्रदान करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और मानव निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर सिख एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सरदार गुरदेव सिंह बराड़, उपाध्यक्ष सरदार कुलबीर सिंह, सचिव कर्नल जसमेर सिंह बाला, प्राधानाचार्य जसविन्दर सिंह सहित शिक्षक एवं युवा उपस्थित रहे।