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पेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग इन्हें लेकर हो दिक्कत तो न करें नजरअंदाज : डॉक्टर लवलीन शर्मा

प्रकाशित: 25-09-2025 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग इन्हें लेकर हो दिक्कत तो न करें नजरअंदाज : डॉक्टर लवलीन शर्मा
नईं दिल्ली, (वीअ)।

पेफड़े हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से हैं, जो सांस लेने की प्रािया को नियंत्रित करते हैं और खून में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं।

पेफड़ा दिवस के अवसर पर दीपक मेमोरियल वैलाश हॉस्पिटल में वरिष्ठ पेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. लवलीन शर्मा ने एक जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य है - लोगों को पेफड़ों की बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना। डॉ. शर्मा ने बताया कि पेफड़ों की बीमारियां कईं कारणों से होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं: धूम्रपान और तंबावू - यह पेफड़ों के वैंसर और सीओपीडी (व्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) का सबसे बड़ा कारण है।

प्रदूषण - धूल, धुआं और जहरीली गैसें पेफड़ों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं।

संव्रमण - टीबी, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां वायरस और बैक्टीरिया से पैलती हैं। एलजा और धूल-मिट्टी - अस्थमा जैसी समस्याएं अक्सर एलजा और वातावरण में मौजूद सूक्ष्म कणों से होती हैं। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता - डायबिटीज या अन्य बीमारियों से शरीर कमजोर हो तो पेफड़ों पर भी असर पड़ता है।

पेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय : डॉ. लवलीन शर्मा ने लोगों को पेफड़ों की सेहत बनाए रखने के लिए वुछ सरल सुझाव दिए: धूम्रपान और तंबावू से दूरी बनाएँ - यह पेफड़ों का सबसे बड़ा दुश्मन है। प्रदूषण से बचें - जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें और धूल-धुएं से दूरी बनाएं। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम - हरी सब्ि़जयां, फल और प्रोटीन युत्त आहार लें तथा रो़जाना व्यायाम करें। डॉक्टर शर्मा ने बताया सांस संबंधी व्यायाम (प्राणायाम) - योग और प्राणायाम से पेफड़े मजबूत होते हैं। टीकाकरण - फ्लू और निमोनिया से बचाव के लिए ़जरूरी टीके समय पर लगवाएं। समय पर जांच - लगातार खांसी, सांस पूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्व करें।