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सीजेपी का ग्रामीण भारत के भविष्य पर होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन

प्रकाशित: 13-08-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
छात्र आंदोलन के माध्यम से पूरे देश का ध्यान युवाओं के समस्याओं पर केंद्रित करने एवं सफल अभियान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने 15 अगस्त से देशभर के गांवों में सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से एक व्यापक जन अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब देश के अनेक हिस्सों में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव तथा डिजिटल संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने इस अभियान को केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि शिक्षा के अधिकार और ग्रामीण भारत के भविष्य से जुड़ा जन आंदोलन बताया है। अभिजीत का कहना है कि देश के लाखों ग्रामीण परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी विद्यालयों पर निर्भर हैं, लेकिन अनेक स्थानों पर विद्यालयों की वास्तविक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी योजनाओं और बजट घोषणाओं से संभव नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय, अभिभावकों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अभिभावकों से विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं का सामाजिक ऑडिट करने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव के लोग स्वयं यह देखें कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक हैं या नहीं, विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था कैसी है, पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय और खेल सामग्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं तथा सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक पहुंच रहा है या नहीं।
उन्होंने ग्राम पंचायतों और सरपंचों से भी विद्यालयों की स्थिति सुधारने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर यदि पंचायतें शिक्षा को प्राथमिकता दें तो कई समस्याओं का समाधान अपेक्षाकृत तेजी से किया जा सकता है। उनके अनुसार विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार भी होते हैं, इसलिए उनकी स्थिति सुधारना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी विशेष अपील करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से दिए जाने वाले संबोधन में देश के युवाओं और ‘जेन ज़ेड' पीढ़ी के भविष्य को केंद्र में रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है और आने वाले दशकों में देश की प्रगति काफी हद तक युवाओं की शिक्षा, कौशल और अवसरों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो सामाजिक और आर्थिक असमानताएं और अधिक बढ़ सकती हैं।
सीजेपी के इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि संगठन ने स्वयं को फिलहाल चुनावी राजनीति से दूर रखने का निर्णय दोहराया है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं कर रही है।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।