केंद्र छात्रों और विपक्ष की आवाज दबा रहा है : सचिन पायलट
प्रकाशित: 23-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
जयपुर, (भाषा)। कांग्रेस के वरिष्" नेता सचिन पायलट ने बुधवार को केंद्र सरकार पर छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लाखों युवाओं के सपनों को कुचल रही है।
दौसा में संवाददाताओं से बातचीत में पायलट ने प्रधानमंत्री आवास के निकट मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिये जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे अपने संवैधानिक अधिकार के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पायलट ने कहा, वे (लोग) केंद्रीय शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे, छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। वे जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, कोई आतंकवादी नहीं। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को राहत देनी चाहिए, परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए "ाsस कदम उ"ाने चाहिए। पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ पुलिस के व्यवहार की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। उन्होंने इसे तानाशाही रवैये और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस अपना देशव्यापी अभियान जारी रखेगी। पायलट ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना तथा कोचिंग और ट्यूशन wमाफियौ के बढ़ते प्रभाव ने देश की शिक्षा और भर्ती प्रणाली से युवाओं का भरोसा खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, संविधान नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन, धरना और अनशन करने का अधिकार देता है। सरकार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर या उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर उनके लोकतांत्रिक अधिकार नहीं छीन सकती। पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अहंकारी हो गई है और युवाओं, किसानों तथा गरीबों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उ"ाते हुए कहा, प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप कर विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर जवाब देना चाहिए था।
दौसा में संवाददाताओं से बातचीत में पायलट ने प्रधानमंत्री आवास के निकट मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिये जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे अपने संवैधानिक अधिकार के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पायलट ने कहा, वे (लोग) केंद्रीय शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे, छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। वे जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, कोई आतंकवादी नहीं। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को राहत देनी चाहिए, परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए "ाsस कदम उ"ाने चाहिए। पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ पुलिस के व्यवहार की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। उन्होंने इसे तानाशाही रवैये और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस अपना देशव्यापी अभियान जारी रखेगी। पायलट ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना तथा कोचिंग और ट्यूशन wमाफियौ के बढ़ते प्रभाव ने देश की शिक्षा और भर्ती प्रणाली से युवाओं का भरोसा खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, संविधान नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन, धरना और अनशन करने का अधिकार देता है। सरकार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर या उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर उनके लोकतांत्रिक अधिकार नहीं छीन सकती। पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अहंकारी हो गई है और युवाओं, किसानों तथा गरीबों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उ"ाते हुए कहा, प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप कर विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर जवाब देना चाहिए था।