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नीट मुद्दे पर सरकार चर्चा को तैयार

प्रकाशित: 23-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नीट मुद्दे पर सरकार चर्चा को तैयार
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को संसद में कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए सौ प्रतिशत तैयार है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बहाने बनाकर चर्चा से बचना चाहती है।
राज्यसभा में कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद जब दोपहर दो बजे फिर शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा।रीजीजू ने कहा कि विपक्ष ने सदन में एक मांग रखी है तथा वह सरकार की तरफ से उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। रीजीजू ने जैसे ही अपनी बात शुरू की, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और शोरगुल शुरू कर दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह जब विपक्ष की मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामा करने का स्पष्ट मतलब है कि वह चर्चा नहीं चाहते।केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं आपके (आसन के) माध्यम से सरकार का पक्ष रखना चाहता हूं कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही सरकार ने कहा है कि जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं उन पर और नीट प्रश्न पत्र लीक के विषय पर हम चर्चा के लिए तैयार हैं। हम अब भी तैयार हैं। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि सरकार ने कांग्रेस और अन्य पार्टी के नेताओं को भी इस बारे में बताया था।रीजीजू ने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहता है और इसीलिए वह बहाने बनाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है, जो "ाrक नहीं है।उन्होंने कहा, हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, छात्रों के भविष्य के लिए नीट परीक्षा से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। सरकार ने एक एक करके जो भी कदम उ"ाये हैं, उन्हें देश के सामने रखना हमारा दायित्व है। रीजीजू ने कहा कि उन्होंने कई दलों के सदस्यों से बात की है और वे सभी चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले तो चर्चा की मांग करती है और फिर नारेबाजी करके सदन को बाधित करती है, जो "ाrक नहीं है।संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मांग है और सरकार भी राजी है। उन्होंने कहा कि सभापति जिस नियम के तहत एवं जितने समय के लिए चर्चा कराने का निर्देश देते हैं उसके तहत सरकार चर्चा के लिए सौ प्रतिशत तैयार है।जब बै"क फिर शुरू हुई तो रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस चर्चा नहीं चाहती है इसीलिए वह नई-नई शर्तें लगा रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अलग मुद्दा लाकर और एक शर्त लगाकर चर्चा से बचना चाहती है।रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कह चुके हैं कि वह नीट मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं किंतु कांग्रेस पार्टी अब अलग से एक मुद्दा लेकर आयी है, जो "ाrक नहीं है। इसके उपरांत खरगे ने आसन की अनुमति से अपनी बात रखते हुए कहा कि उपसभापति हरिवंश ने अपनी एक पुरानी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सदन को बताया कि कार्य स्थगन संबंधी नियम 267 के तहत दुर्लभतम मामलों में चर्चा की जाती है।खरगे ने कहा कि ऐसे में जबकि प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग मर रहे हैं तो फिर दुर्लभतम क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि इसलिए इस विषय पर नियम 267 के तहत सदन में चर्चा करायी जानी चाहिए।खरगे से पहले द्रमुक नेता तिरुचि शिवा ने भी यही मांग की थी। इससे पहले, रीजीजू ने लोकसभा में कहा कि वह नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह स्थगित होने के बाद दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा। इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की। रीजीजू ने कहा, सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे। उन्होंने कहा, इस देश के युवाओं के भविष्य के लिए हम सब मिलकर सार्थक चर्चा करें, सरकार यही चाहती है।