वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

केरल में इबोला का डर खत्म

प्रकाशित: 21-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कोट्टायम (केरल), (भाषा)। केरल में इबोला की संदिग्ध मरीज की जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने से इस बीमारी का डर खत्म हो गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, 52-वर्षीय एक महिला हाल ही में दक्षिण सूडान से युगांडा होते हुए केरल आई, जिसमें इबोला जैसे लक्षण दिखने के संदेह के आधार पर उसे कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि एनआईवी से शुक्रवार देर रात मिली जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआत में महिला को बुखार के कारण पाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, बाद में इबोला प्रभावित अफ्रीकी देशों की यात्रा के इतिहास को देखते हुए उन्हें कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के पृथकवास वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने संवाददाताओं को बताया कि अब इबोला को लेकर चिंता दूर हो गई है और मरीज को घर पर पृथकवास में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, महिला कितने दिनों तक घर पर पृथकवास में रहेगी, इसका फैसला इस संबंध में ग"ित किए गए मेडिकल बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। आमतौर पर, हम 21 दिनों के पृथकवास नियम का पालन करते हैं, लेकिन मरीज में अब कोई लक्षण नहीं हैं। इसलिए अंतिम निर्णय मेडिकल बोर्ड ही लेगा।w
इबोला एक दुर्लभ, लेकिन संभावित रूप से घातक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के रक्त, उल्टी और मल सहित शारीरिक तरल पदार्थ के सीधे संपर्क से फैलती है।
बीमारी के शुरुआती लक्षणों में बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, थकान और शरीर में दर्द शामिल हैं।