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शिक्षा की शक्ति से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें युवा : मुर्मू

प्रकाशित: 03-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
शिक्षा की शक्ति से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें युवा : मुर्मू
नई दिल्ली, (भाषा)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि जब युवा शिक्षा और प्रौद्योगिकी की शक्ति के बल पर आगे बढ़ेंगे, तो वे एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।
जनजातीय मामलों के मंत्रालय की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के बाद उनको संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदायों के युवाओं को सशक्त बनाने और उनका उत्थान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण साधन है और इसमें ही वह शक्ति है जो किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि उनकी अपनी जीवन-यात्रा में भी शिक्षा ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा और अनुभव उन बच्चों के लिए प्रेरणा बनने चाहिए जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। मुर्मू ने कहा, जब वे दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, तभी राष्ट्र का समावेशी विकास एक वास्तविकता बन पाएगा। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी विरासत पर गर्व करते हुए, शिक्षा और प्रौद्योगिकी की शक्ति के बल पर आगे बढ़ेंगे, तो वे एक सुदृढ़, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि युवा हमारे राष्ट्र की शक्ति, आशा और उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं, विशेष रूप से जनजातीय समुदायों से आने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जड़ों और अपने लोगों को न भूलें। मुर्मू ने कहा, हम 2047 तक भारत को विकसित भारत में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।w उन्होंने कहा कि वे जिस भी क्षेत्र को चुनें, उनमें वे समाज और राष्ट्र के विकास के लिए सक्रिय योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मुर्मू ने कहा, wआवश्यकता है सही मार्गदर्शन, सहयोग और एक उचित मंच उपलब्ध कराने की।
लाभार्थियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर मिले तो हमारे गांवों, दूरदराज के क्षेत्रों और जनजातीय अंचलों से ऐसे युवा निकलकर आएंगे, जो भारत का नाम उज्ज्वल करेंगे।