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भारत के 8 अनोखे मंदिर जहां प्रसाद में मिलता है डोसा, चाइनीज और चूहों का जूठा खाना

प्रकाशित: 10-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भारत के 8 अनोखे मंदिर जहां प्रसाद में मिलता है डोसा, चाइनीज और चूहों का जूठा खाना
भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है. यहां आपको हर गली-नुक्कड़ पर एक मंदिर अपनी खास पहचान लिए मिल जाएगा. हर मंदिर की अपनी एक अलग कहानी है और यहां पर लगने वाला प्रसाद और भी खास है. आमतौर पर आपने लड्डू, पेड़े या हलवे का प्रसाद खाया होगा. लेकिन क्या कभी सोचा है कि कई मंदिर ऐसे भी हैं जहां डोसा, चॉकलेट जैसी तमाम चीजों का भोग लगाया जाता है. तो चलिए जानते हैं किस मंदिर क्या प्रसाद चढ़ता है.
भारत के वो 8 मंदिर जहां मिलता है अनोखा प्रसाद- (8 Indian Temples And Unique Prasad)
1. केरल का मुरुगन मंदिर-
केरल के अलप्पुझा में स्थित 'थेक्कन पजानी बालामुरुगन' मंदिर बच्चों और बड़ों दोनों का पसंदीदा है. यहां भगवान मुरुगन को लड्डू या फल नहीं, बल्कि चॉकलेट चढ़ाई जाती है. भक्त यहां डिब्बे भर-भर के चॉकलेट लाते हैं और प्रसाद में भी चॉकलेट ही पाते हैं.
2. चेन्नई का अझगर मंदिर-
मदुरै के पास स्थित इस मंदिर में भगवान विष्णु के अवतार को डोसा चढ़ाया जाता है. यह कोई साधारण डोसा नहीं होता, बल्कि अनाज से बना एक खास डोसा होता है जिसे घी में बनाया जाता है.
3. कोलकाता का चाइनीज काली मंदिर-
कोलकाता में मां काली की पूजा विशेष रूप से होती है. कोलकाता के टांगरा इलाके में एक बहुत ही मशहूर काली मंदिर है. यहां का प्रसाद सबसे अलग है. यहां मां काली को नूडल्स, फ्राइड राइस और मंचूरियन का भोग लगाया जाता है.
4. बीकानेर का करणी माता मंदिर-
राजस्थान के बीकानेर में करणी माता का मंदिर है. इस मंदिर को चूहों वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यहां माता को चूहों का जूठा प्रसाद चढ़ाया जाता है.
5. पुरी का जगन्नाथ मंदिर-
ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर की रसोई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई मानी जाती है. यहां का प्रसाद छप्पन भोग के नाम से जाना जाता है. मिट्टी के बर्तनों में लकड़ी की आग पर बना यह खाना अपने अनोखे स्वाद के लिए फेमस है. प्रसाद में दाल, चावल, सब्जी का भोग लगता है.
6. गुवाहाटी का कामाख्या देवी मंदिर-
असम के कामाख्या मंदिर में साल में एक बार अंबुबाची मेला लगता है. इस दौरान मंदिर तीन दिन बंद रहता है. चौथे दिन भक्तों को प्रसाद के रूप में खाने की चीज नहीं, बल्कि एक गीला लाल कपड़ा दिया जाता है, जिसे रक्त वस्त्र कहते हैं. इसे बहुत पवित्र माना जाता है.
7. तिरुपति बालाजी का लड्डू-
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर का लड्डू इतना खास है कि इसे बाकायदा (GI Tag) मिला हुआ है. यानी ऐसा लड्डू दुनिया में कहीं और नहीं बन सकता. बेसन, घी और मेवों से बना यह लड्डू साइज में काफी बड़ा और स्वाद में लाजवाब होता है.
8. वृंदावन का बालभोग-
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में सुबह के समय कचौड़ी और दही का प्रसाद मिलता है.