तेहरान का आसमान हुआ काला, जहरीली बारिश से बचने की लोगों को दी गई सलाह
प्रकाशित: 09-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
तेहरान:
ईरान की राजधानी का आसमान रविवार को काले धुएं के गुबार में डूब गया. हवा जहरीली हो गई है, और यह आम लोगों की जान के लिए आफत का सबब बन सकती है. ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को जहरीली एसिड रेन से बचने की चेतावनी दी है. दरअसल, तेहरान और उसके आसपास के तेल ठिकानों को निशाने पर ले स्ट्राइक की गई थी. विस्फोट के बाद आग लगी, जिसकी लपटें काफी ऊपर तक जा रही थीं. ऐसे में स्थानीय लोग दहशत में आ गए.
बारिश हो सकती है जहरीली
तेहरान की आबादी लगभग 10 मिलियन है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, ऐसा शायद पहली बार है जब युद्ध में किसी सिविल इंडस्ट्रियल जगह को निशाना बनाया गया है. हालांकि, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, यूएस और इजरायली हमलों से देश भर में लगभग 10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है. ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है.
लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह
तेहरान में बिगड़े हालात पर टेलीग्राम पोस्ट में कुछ दिशा निर्देश जारी किए. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, ग्रुप ने लोगों को तेल की जगहों पर लगी आग से होने वाले खतरों के बारे में चेतावनी दी और लोगों से कहा कि वे जहरीले प्रदूषित पदार्थों से बचने के लिए जहां तक हो सके घर के अंदर रहें. इसमें कहा गया कि जहरीली एसिड रेन की चिंता के कारण स्थानीय लोगों को बारिश के बाद बाहर नहीं जाना चाहिए, और सलाह दी कि अगर किसी ने काले धुएं से निकलने वाले कणों को सांस के जरिए अंदर ले लिया हो, तो उन्हें नमकीन पानी से गरारे करने चाहिए.
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरान की राजधानी तेहरान में हमलों की एक और बड़ी लहर को अंजाम देने का दावा किया है. आईडीएफ के अनुसार, ये ठिकाने ईरानी शासन की सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों से जुड़े अहम केंद्र थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल डिफेंस फोर्स ने बताया कि तेहरान में हमलों की एक और लहर पूरी हो गई है. इस ऑपरेशन में लगभग 50 एम्युनिशन बंकर, एक बासिज बेस, इंटरनल सिक्योरिटी कमांड सेंटर और आईआरजीसी की ग्राउंड फोर्स के एक कंपाउंड को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है. आईडीएफ के अनुसार, इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स और बासिज बेस ईरानी आतंकवादी शासन की आर्म्ड फोर्स का हिस्सा हैं और वर्षों से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. ये फोर्स प्रदर्शनों को हटाने, गिरफ्तारियां करने, ट्रांसपोर्टेशन रूट पर कब्जा करने और सुविधाओं को सुरक्षित करने के लिए जिम्मेदार हैं.
ईरान की राजधानी का आसमान रविवार को काले धुएं के गुबार में डूब गया. हवा जहरीली हो गई है, और यह आम लोगों की जान के लिए आफत का सबब बन सकती है. ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को जहरीली एसिड रेन से बचने की चेतावनी दी है. दरअसल, तेहरान और उसके आसपास के तेल ठिकानों को निशाने पर ले स्ट्राइक की गई थी. विस्फोट के बाद आग लगी, जिसकी लपटें काफी ऊपर तक जा रही थीं. ऐसे में स्थानीय लोग दहशत में आ गए.
बारिश हो सकती है जहरीली
तेहरान की आबादी लगभग 10 मिलियन है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, ऐसा शायद पहली बार है जब युद्ध में किसी सिविल इंडस्ट्रियल जगह को निशाना बनाया गया है. हालांकि, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, यूएस और इजरायली हमलों से देश भर में लगभग 10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है. ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है.
लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह
तेहरान में बिगड़े हालात पर टेलीग्राम पोस्ट में कुछ दिशा निर्देश जारी किए. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, ग्रुप ने लोगों को तेल की जगहों पर लगी आग से होने वाले खतरों के बारे में चेतावनी दी और लोगों से कहा कि वे जहरीले प्रदूषित पदार्थों से बचने के लिए जहां तक हो सके घर के अंदर रहें. इसमें कहा गया कि जहरीली एसिड रेन की चिंता के कारण स्थानीय लोगों को बारिश के बाद बाहर नहीं जाना चाहिए, और सलाह दी कि अगर किसी ने काले धुएं से निकलने वाले कणों को सांस के जरिए अंदर ले लिया हो, तो उन्हें नमकीन पानी से गरारे करने चाहिए.
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरान की राजधानी तेहरान में हमलों की एक और बड़ी लहर को अंजाम देने का दावा किया है. आईडीएफ के अनुसार, ये ठिकाने ईरानी शासन की सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों से जुड़े अहम केंद्र थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल डिफेंस फोर्स ने बताया कि तेहरान में हमलों की एक और लहर पूरी हो गई है. इस ऑपरेशन में लगभग 50 एम्युनिशन बंकर, एक बासिज बेस, इंटरनल सिक्योरिटी कमांड सेंटर और आईआरजीसी की ग्राउंड फोर्स के एक कंपाउंड को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है. आईडीएफ के अनुसार, इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स और बासिज बेस ईरानी आतंकवादी शासन की आर्म्ड फोर्स का हिस्सा हैं और वर्षों से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. ये फोर्स प्रदर्शनों को हटाने, गिरफ्तारियां करने, ट्रांसपोर्टेशन रूट पर कब्जा करने और सुविधाओं को सुरक्षित करने के लिए जिम्मेदार हैं.