गुजरात के गढ़ में आरसीबी की ऐतिहासिक जीत
प्रकाशित: 01-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अहमदाबाद, (भाषा)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली (नाबाद 75 रन) के अर्धशतक से रविवार को यहां इंडियंन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटन्स को पांच विकेट से हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर खचाखच भरे नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में अपने दर्शकों को खुशियां मनाने का मौका दिया।
आरसीबी ने अपने आक्रामक खेल से टूर्नामेंट में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और इसका समापन एक और ट्रॉफी से किया। आरसीबी ने पिछले चरण में 18 साल बाद पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती थी और रविवार को कोहली ने छक्का लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। टॉस जीतकर गेंदबाजी करने वाली आरसीबी के गेंदबाजों ने धीमी पिच का पूरा फायदा उ"ाते हुए गुजरात टाइटन्स को आ" विकेट पर 155 रन ही बनाने दिए। छह दिन में तीसरे स्थल पर तीसरा मैच खेल रही गुजरात टाइटन्स पर थकान हावी दिखी। इसके बाद कोहली (42 गेंद, नौ चौके और तीन छक्के) और वेंकटेश अय्यर (32 रन) की अच्छी शुरूआत दिलाई जिससे आरसीबी 18 ओवर में पांच विकेट पर 161 रन बनाकर मुंबई इंडियंस (पांच ट्रॉफी) और चेन्नई सुपर किंग्स (पांच ट्रॉफी) के बाद लगातार खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बन गई। कोहली ने पैर में हो रही दिक्कत के बावजूद आईपीएल में अपना सबसे तेज अर्धशतक जड़ा, उन्होंने 25 गेंद में सात चौके और दो छक्के से पचास रन पूरे किए। फिजियो जांच करने के बाद दो बार मैदान में उनके लिए मैदान में आए, पर वह दर्द को भुलाकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाने में डटे रहे। नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच पर शॉट खेलना बिलकुल भी आसान नहीं था जो गुजरात टाइटन्स की बल्लेबाजी को देखकर साफ झलक रही थी जिससे आरसीबी के लिए रसिख सलाम ने तीन जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने दो दो विकेट चटकाए। कृणाल पंड्या ने 23 रन देकर एक विकेट झटका। लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था। कोहली और अय्यर ने पहले सतर्क शुरूआत करते हुए हाथ खोले जिससे पहले ओवर में पांच रन बने। दूसरे ओवर में अय्यर ने रबाडा की पहली गेंद को कवर प्वाइंट पर चौके के लिए भेजा और तीसरी गेंद को वाइड मिड विकेट पर छक्के के लिए भेज दिया। अगली गुड लेंथ गेंद पर उन्होंने मिड ऑफ पर चौका जड़ दिया और ओवर का अंत विकेटकीपर के ऊपर चौके से किया। इस ओवर में 18 रन बने। तीसरे ओवर में कोहली ने मोहम्मद सिराज पर डीप फाइन लेग और डीप स्द्रायर लेग पर दो चौके लगाए। अय्यर ने भी डीप मिडविकेट पर चौका बटोरकर इस ओवर से टीम के खाते में 13 रन जोड़ने में मदद की। कोहली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए चौथे ओवर में रबाडा पर तीन चौके और एक छक्के से 19 रन जोड़े जिससे आरसीबी का रनों का अर्धशतक पूरा हुआ।
अय्यर ने पांचवें ओवर में सिराज की बाउंसर पर बैकफुट में जाकर हुक करते हुए लांग लेग पर छक्का जड़ा। लेकिन अगली ही गेंद को ऊंचा खेलने की कोशिश में मिड ऑन पर खड़े रबाडा को कैच दे बै"s। लेकिन तब तक वह 16 गेंद में चार चौके और दो छक्के से 32 रन बना चुके थे। कोहली और अय्यर ने इस तरह 27 गेंद में पहले विकेट के लिए 62 रन की भागीदारी निभाई। देवदत्त पडीक्कल (01) आते ही रबाडा की गेंद का शिकार हो गए। पर कोहली ने पावरप्ले के अंतिम ओवर का अंत लांग लेग पर छक्का लगाकर किया इससे छह ओवर में आरसीबी ने दो विकेट पर 70 रन बना लिए थे।
राशिद खान (25 रन देकर दो विकेट) ने नौवें ओवर में आरसीबी को कप्तान रजत पाटीदार (15) और कृणाल पंड्या (01) के विकेट झटककर दोहरे झटके दिए जिससे स्कोर चार विकेट पर 91 रन हो गया।
आरसीबी ने 10 ओवर में चार विकेट पर 100 रन बना लिए थे और उसे 60 गेंद में 56 रन बनाने थे।
कोहली और टिम डेविड (24 रन) आराम से टीम को जीत के करीब ले गए। पर डेविड को अरशद खान ने आउट किया, तब स्कोर 132 रन था।
फिर कोहली और जितेश शर्मा (नाबाद 11 रन) आराम से टीम को जीत तक ले गए।
इससे पहले गुजरात टाइटन्स के लिए एकमात्र वॉशिंगटन सुंदर ही इस मुश्किल का सामना करते हुए 37 गेंद में पांच चौके से नाबाद 50 रन बना पाए।
शुक्रवार को दूसरा द्रालीफायर खेलने की थकान और मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण देरी से हुई रवानगी ने भी शायद उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया था।
लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने इस पिच पर ज्यादातर समय सही लाइन एवं लेंथ पर गेंदबाजी की।
आरसीबी ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया और उसके गेंदबाजों ने शुरू से ही दबदबा बनाते हुए पावरप्ले में सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) के विकेट झटक लिए। गुजरात टाइटन्स को अपनी सलामी जोड़ी से अच्छी शुरूआत की उम्मीद थी जिससे टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी।
हालांकि टीम शुरू से ही धीमी शुरूआत करती रही है जो कोई नयी बात नहीं थी। लेकिन हेजलवुड (37 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर गिल ने जोरदार शॉट खेला और गेंद उनके बल्ले का किनारा चूमते हुए आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चली गई।
सुदर्शन एक बार डीआरएस की मदद से जैकब डफी की गेंद पर कैच आउट होने से बच गए थे लेकिन वह भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए।
भुवनेश्व्र (29 रन देकर दो वेट) की एक सटीक, ऊंची और वाइड बाउंसर पर इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने खराब पुल शॉट खेला और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने दौड़कर आसान कैच लपक लिया।
गिल और सुदर्शन ने इस सत्र में 700 से ज्यादा रन बनाए थे। इन दोनों के आउट होने के बाद गुजरात टाइटन्स की की बल्लेबाजी पूरी तरह से लड़खड़ा गई।
उनका पावर प्ले में स्कोर दो विकेट पर 45 रन रन था। बाकी बल्लेबाजों में पारी को संभालने का जोश और धैर्य नहीं दिखा।
जोस बटलर (19) और वाशिंगटन पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन रक्षात्मक खेलने से जूझते नजर आए।
युवा तेज गेंदबाज रसिक सलाम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने निशांत सिंधु (18 गेंद में 20 रन) और राहुल तेवतिया के विकेट लिए। घरेलू टीम ने 100 रन के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही मुख्य बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे।
गुजरात टाइटन्स को अपनी पारी का पहला छक्का लगाने के लिए 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा जो कृणाल की गेंद पर अरशद खान (15 रन) मिड-विकेट के ऊपर से लगाया था। आरसीबी के गेंदबाजों के दबदबे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घरेलू टीम की पारी में (अरशद के दो और राशिद खान के एक छक्के से) केवल तीन छक्के शामिल थे।
आरसीबी ने अपने आक्रामक खेल से टूर्नामेंट में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और इसका समापन एक और ट्रॉफी से किया। आरसीबी ने पिछले चरण में 18 साल बाद पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती थी और रविवार को कोहली ने छक्का लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। टॉस जीतकर गेंदबाजी करने वाली आरसीबी के गेंदबाजों ने धीमी पिच का पूरा फायदा उ"ाते हुए गुजरात टाइटन्स को आ" विकेट पर 155 रन ही बनाने दिए। छह दिन में तीसरे स्थल पर तीसरा मैच खेल रही गुजरात टाइटन्स पर थकान हावी दिखी। इसके बाद कोहली (42 गेंद, नौ चौके और तीन छक्के) और वेंकटेश अय्यर (32 रन) की अच्छी शुरूआत दिलाई जिससे आरसीबी 18 ओवर में पांच विकेट पर 161 रन बनाकर मुंबई इंडियंस (पांच ट्रॉफी) और चेन्नई सुपर किंग्स (पांच ट्रॉफी) के बाद लगातार खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बन गई। कोहली ने पैर में हो रही दिक्कत के बावजूद आईपीएल में अपना सबसे तेज अर्धशतक जड़ा, उन्होंने 25 गेंद में सात चौके और दो छक्के से पचास रन पूरे किए। फिजियो जांच करने के बाद दो बार मैदान में उनके लिए मैदान में आए, पर वह दर्द को भुलाकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाने में डटे रहे। नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच पर शॉट खेलना बिलकुल भी आसान नहीं था जो गुजरात टाइटन्स की बल्लेबाजी को देखकर साफ झलक रही थी जिससे आरसीबी के लिए रसिख सलाम ने तीन जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने दो दो विकेट चटकाए। कृणाल पंड्या ने 23 रन देकर एक विकेट झटका। लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था। कोहली और अय्यर ने पहले सतर्क शुरूआत करते हुए हाथ खोले जिससे पहले ओवर में पांच रन बने। दूसरे ओवर में अय्यर ने रबाडा की पहली गेंद को कवर प्वाइंट पर चौके के लिए भेजा और तीसरी गेंद को वाइड मिड विकेट पर छक्के के लिए भेज दिया। अगली गुड लेंथ गेंद पर उन्होंने मिड ऑफ पर चौका जड़ दिया और ओवर का अंत विकेटकीपर के ऊपर चौके से किया। इस ओवर में 18 रन बने। तीसरे ओवर में कोहली ने मोहम्मद सिराज पर डीप फाइन लेग और डीप स्द्रायर लेग पर दो चौके लगाए। अय्यर ने भी डीप मिडविकेट पर चौका बटोरकर इस ओवर से टीम के खाते में 13 रन जोड़ने में मदद की। कोहली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए चौथे ओवर में रबाडा पर तीन चौके और एक छक्के से 19 रन जोड़े जिससे आरसीबी का रनों का अर्धशतक पूरा हुआ।
अय्यर ने पांचवें ओवर में सिराज की बाउंसर पर बैकफुट में जाकर हुक करते हुए लांग लेग पर छक्का जड़ा। लेकिन अगली ही गेंद को ऊंचा खेलने की कोशिश में मिड ऑन पर खड़े रबाडा को कैच दे बै"s। लेकिन तब तक वह 16 गेंद में चार चौके और दो छक्के से 32 रन बना चुके थे। कोहली और अय्यर ने इस तरह 27 गेंद में पहले विकेट के लिए 62 रन की भागीदारी निभाई। देवदत्त पडीक्कल (01) आते ही रबाडा की गेंद का शिकार हो गए। पर कोहली ने पावरप्ले के अंतिम ओवर का अंत लांग लेग पर छक्का लगाकर किया इससे छह ओवर में आरसीबी ने दो विकेट पर 70 रन बना लिए थे।
राशिद खान (25 रन देकर दो विकेट) ने नौवें ओवर में आरसीबी को कप्तान रजत पाटीदार (15) और कृणाल पंड्या (01) के विकेट झटककर दोहरे झटके दिए जिससे स्कोर चार विकेट पर 91 रन हो गया।
आरसीबी ने 10 ओवर में चार विकेट पर 100 रन बना लिए थे और उसे 60 गेंद में 56 रन बनाने थे।
कोहली और टिम डेविड (24 रन) आराम से टीम को जीत के करीब ले गए। पर डेविड को अरशद खान ने आउट किया, तब स्कोर 132 रन था।
फिर कोहली और जितेश शर्मा (नाबाद 11 रन) आराम से टीम को जीत तक ले गए।
इससे पहले गुजरात टाइटन्स के लिए एकमात्र वॉशिंगटन सुंदर ही इस मुश्किल का सामना करते हुए 37 गेंद में पांच चौके से नाबाद 50 रन बना पाए।
शुक्रवार को दूसरा द्रालीफायर खेलने की थकान और मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण देरी से हुई रवानगी ने भी शायद उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया था।
लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने इस पिच पर ज्यादातर समय सही लाइन एवं लेंथ पर गेंदबाजी की।
आरसीबी ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया और उसके गेंदबाजों ने शुरू से ही दबदबा बनाते हुए पावरप्ले में सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) के विकेट झटक लिए। गुजरात टाइटन्स को अपनी सलामी जोड़ी से अच्छी शुरूआत की उम्मीद थी जिससे टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी।
हालांकि टीम शुरू से ही धीमी शुरूआत करती रही है जो कोई नयी बात नहीं थी। लेकिन हेजलवुड (37 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर गिल ने जोरदार शॉट खेला और गेंद उनके बल्ले का किनारा चूमते हुए आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चली गई।
सुदर्शन एक बार डीआरएस की मदद से जैकब डफी की गेंद पर कैच आउट होने से बच गए थे लेकिन वह भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए।
भुवनेश्व्र (29 रन देकर दो वेट) की एक सटीक, ऊंची और वाइड बाउंसर पर इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने खराब पुल शॉट खेला और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने दौड़कर आसान कैच लपक लिया।
गिल और सुदर्शन ने इस सत्र में 700 से ज्यादा रन बनाए थे। इन दोनों के आउट होने के बाद गुजरात टाइटन्स की की बल्लेबाजी पूरी तरह से लड़खड़ा गई।
उनका पावर प्ले में स्कोर दो विकेट पर 45 रन रन था। बाकी बल्लेबाजों में पारी को संभालने का जोश और धैर्य नहीं दिखा।
जोस बटलर (19) और वाशिंगटन पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन रक्षात्मक खेलने से जूझते नजर आए।
युवा तेज गेंदबाज रसिक सलाम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने निशांत सिंधु (18 गेंद में 20 रन) और राहुल तेवतिया के विकेट लिए। घरेलू टीम ने 100 रन के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही मुख्य बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे।
गुजरात टाइटन्स को अपनी पारी का पहला छक्का लगाने के लिए 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा जो कृणाल की गेंद पर अरशद खान (15 रन) मिड-विकेट के ऊपर से लगाया था। आरसीबी के गेंदबाजों के दबदबे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घरेलू टीम की पारी में (अरशद के दो और राशिद खान के एक छक्के से) केवल तीन छक्के शामिल थे।