अब टीबी, एचआईवी लाइलाज बीमारी नहीं:जिलाधिकारी
प्रकाशित: 20-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मैनपुरी, (वीअ)। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने एस.एस.के. एडवोकेसी की कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि संदिग्ध मरीजों की टी.बी., एच.आई.वी. की जॉच अवश्य करायी जाये, अब टीबी, एचआईबी लाइलाज बीमारी नहीं है, नियमित रूप से दवा खाने से टीबी का मरीज पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित रहता है वहीं एच.आई.वी. के मरीज को नियमित दवा लेने से एच.आई.वी. वॉयरस निपीय रहता है, जिससे मरीज को कोई समस्या नहीं होती, जानकारी करने पर क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जनपद में चिन्हित क्षय रोगियों, एच.आई.वी. पांमित मरीजों की नियमित देख-भाल की जा रही है, उन्हें समय से दवाएं एवं योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का भुगतान भी समय से हो रहा है, एच.आई.वी. पांमित मरीजों का पूरा डेटा गोपनीय है।
कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष ने एच.आई.वी. पांमण के कारण इसके फैलने के तरीके, बचाव के उपाय, समय पर जॉच, निशुल्क उपचार तथा कलंक एवं भेद-भाव के समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी भी मरीज को शंका हो तो जिला चिकित्सालय के क्षय रोग वार्ड में आकर जॉच करायें, सभी जॉचें निशुल्क हैं साथ ही पांमित व्यक्ति का पूरा विवरण गोपनीय रखा जाता है।
उन्होने कहा कि एच.आई.वी. पांमित व्यक्ति नियमित उपचार के माध्यम से सामान्य एवं स्वस्थ जीवन-यापन कर सकता है।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज यादव, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. धर्मेन्द्र, चिकित्साधिकारी डा. गौरव अग्रवाल, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविन्द्र गौर, नोडल डा. राजदीप सिंह, एस.टी.आई. काउसंलर नीरू चौहान, आशू पाण्डेय आदि उपस्थित रहे, कार्यशाला में उ.प्र. राज्य एड्स कन्ट्रोल सोसाइटी की सी.एस.ओ. रेनूबाला कौशल ने एच.आई.वी. से बचाव के सम्बन्ध में जानकारी दी, कार्पाम का संचालन यादवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।
कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष ने एच.आई.वी. पांमण के कारण इसके फैलने के तरीके, बचाव के उपाय, समय पर जॉच, निशुल्क उपचार तथा कलंक एवं भेद-भाव के समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी भी मरीज को शंका हो तो जिला चिकित्सालय के क्षय रोग वार्ड में आकर जॉच करायें, सभी जॉचें निशुल्क हैं साथ ही पांमित व्यक्ति का पूरा विवरण गोपनीय रखा जाता है।
उन्होने कहा कि एच.आई.वी. पांमित व्यक्ति नियमित उपचार के माध्यम से सामान्य एवं स्वस्थ जीवन-यापन कर सकता है।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज यादव, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. धर्मेन्द्र, चिकित्साधिकारी डा. गौरव अग्रवाल, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविन्द्र गौर, नोडल डा. राजदीप सिंह, एस.टी.आई. काउसंलर नीरू चौहान, आशू पाण्डेय आदि उपस्थित रहे, कार्यशाला में उ.प्र. राज्य एड्स कन्ट्रोल सोसाइटी की सी.एस.ओ. रेनूबाला कौशल ने एच.आई.वी. से बचाव के सम्बन्ध में जानकारी दी, कार्पाम का संचालन यादवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।