चुनावी समीक्षा बैठक: मायावती ने प्रत्याशी चयन पर दिए निर्देश, कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह
प्रकाशित: 01-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को उत्तर प्रदेश स्टेट, मंडल यूनिट और सभी 75 जिलों के अध्यक्षों समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में खासतौर पर पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति और चुनावी तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों से जानकारी ली गई।
मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को और तेज एवं प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विरोधी दल चुनाव के दौरान साम, दाम, दंड, भेद समेत विभिन्न हथकंडे अपना सकते हैं। बसपा कार्यकर्ताओं को इनका मजबूती से मुकाबला करते हुए जनता के बीच पार्टी की नीतियों और कार्पामों को पहुंचाना होगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार 'कानून द्वारा कानून के बेहतरीन राज' तथा 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार ही प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। मायावती ने चुनाव से पहले महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ वाली 'रेवड़ियों' और अन्य लुभावने वादों के जरिए प्रभावित करने की राजनीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता को ऐसे वादों और घोषणाओं के प्रति सतर्क करने को कहा। उनका कहना था कि चुनाव के बाद अक्सर वादाखिलाफी होती है, इसलिए जनता को विरोधी दलों के छलावे और विश्वासघात से बचकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता को अपनी मर्जी से ऐसी सरकार चुननी चाहिए जो 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर काम करे। मायावती ने यह भी कहा कि विरोधी दलों के रवैये और कार्यकलापों से 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' के युवाओं में भी आाढाsश और असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन समस्याओं का सही और स्थायी समाधान बसपा की सरकार में ही निहित है।
मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को और तेज एवं प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विरोधी दल चुनाव के दौरान साम, दाम, दंड, भेद समेत विभिन्न हथकंडे अपना सकते हैं। बसपा कार्यकर्ताओं को इनका मजबूती से मुकाबला करते हुए जनता के बीच पार्टी की नीतियों और कार्पामों को पहुंचाना होगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार 'कानून द्वारा कानून के बेहतरीन राज' तथा 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार ही प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। मायावती ने चुनाव से पहले महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ वाली 'रेवड़ियों' और अन्य लुभावने वादों के जरिए प्रभावित करने की राजनीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता को ऐसे वादों और घोषणाओं के प्रति सतर्क करने को कहा। उनका कहना था कि चुनाव के बाद अक्सर वादाखिलाफी होती है, इसलिए जनता को विरोधी दलों के छलावे और विश्वासघात से बचकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता को अपनी मर्जी से ऐसी सरकार चुननी चाहिए जो 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर काम करे। मायावती ने यह भी कहा कि विरोधी दलों के रवैये और कार्यकलापों से 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' के युवाओं में भी आाढाsश और असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन समस्याओं का सही और स्थायी समाधान बसपा की सरकार में ही निहित है।