महिलाओं को अपने अंदर के डर से लड़ने की जरूरत है-प्रीती गिरि
प्रकाशित: 17-02-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
आकाश तिवारी
मैनपुरी। कुंवर आर0सी0 महिला महाविद्यालय में संस्थागत नवाचार परिषद् के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्त्वाधान में विधिक जागरूकता कार्पाम का आयोजन किया गया।
कार्पाम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। कार्पाम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुश्री प्रीती गिरि ने बताया कि सबसे पहले महिलाओं को अपने अंदर के डर से लड़ने की जरूरत है और एक आत्मविश्वासी महिला बनकर कानूनी धारा के बारे में जानने की जरूरत है। इससे न केवल आप अपनी मदद करेंगी बल्कि दूसरों की भी मदद कर सकती हैं। प्रभारी महिला प्राधिकरण प्रकोष्ठ सविता सेंगर ने छात्राओं को बताया कि 14 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित हो चुका है जिससे महिलाओं पर हो रहे अपराध पर तत्काल कार्यवाही की जा सके। सीईओ डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि महिला यौन उत्पीड़न पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाएं पिंक बूथ,112 और महिला हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ सुशीला त्यागी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी अधिकारों के बारे में जानने की अनभिज्ञता किसी के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो शेफाली यादव ने महिला सशक्तीकरण और घरेलू हिंसा से बचाव के कानूनी पहलुओं के बारे में सभी को अवगत कराया। प्रो. अलका पाठक ने संचालन करते हुए कहा कि अपराध को छिपाना भी एक अपराध है इसीलिए इसके ख़िल़ाफ तुरंत कार्यवाही करें। तत्पश्चात इण्टर कॉलेज की छात्रा अलीशा मंसूरी ने महिलाओं पर हो रहे घरेलू हिंसा और उसके निदान के बारे में भाषण दिया। इसके बाद उजाला, कशिश, कुसुम,प्रतीक्षा, वर्षा, इकरा,निशा आदि छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक व कविताएं आदि प्रस्तुत की।
मैनपुरी। कुंवर आर0सी0 महिला महाविद्यालय में संस्थागत नवाचार परिषद् के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्त्वाधान में विधिक जागरूकता कार्पाम का आयोजन किया गया।
कार्पाम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। कार्पाम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुश्री प्रीती गिरि ने बताया कि सबसे पहले महिलाओं को अपने अंदर के डर से लड़ने की जरूरत है और एक आत्मविश्वासी महिला बनकर कानूनी धारा के बारे में जानने की जरूरत है। इससे न केवल आप अपनी मदद करेंगी बल्कि दूसरों की भी मदद कर सकती हैं। प्रभारी महिला प्राधिकरण प्रकोष्ठ सविता सेंगर ने छात्राओं को बताया कि 14 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित हो चुका है जिससे महिलाओं पर हो रहे अपराध पर तत्काल कार्यवाही की जा सके। सीईओ डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि महिला यौन उत्पीड़न पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाएं पिंक बूथ,112 और महिला हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ सुशीला त्यागी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी अधिकारों के बारे में जानने की अनभिज्ञता किसी के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो शेफाली यादव ने महिला सशक्तीकरण और घरेलू हिंसा से बचाव के कानूनी पहलुओं के बारे में सभी को अवगत कराया। प्रो. अलका पाठक ने संचालन करते हुए कहा कि अपराध को छिपाना भी एक अपराध है इसीलिए इसके ख़िल़ाफ तुरंत कार्यवाही करें। तत्पश्चात इण्टर कॉलेज की छात्रा अलीशा मंसूरी ने महिलाओं पर हो रहे घरेलू हिंसा और उसके निदान के बारे में भाषण दिया। इसके बाद उजाला, कशिश, कुसुम,प्रतीक्षा, वर्षा, इकरा,निशा आदि छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक व कविताएं आदि प्रस्तुत की।