छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश, रायपुर, गरियाबंद समेत 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
प्रकाशित: 10-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
रायपुर, (छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। लगातार हो रही बारिश के चलते मौसम ने सावन का पूरा रंग दिखाया। सुबह से आसमान में काले घने बादल छाए रहे और हल्की पुहारों का सिलसिला चलता रहा। कहीं रिमझिम तो कहीं आसपास क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। दोपहर में कुछ राहत रही, लेकिन शाम होते ही मेघ जमकर बरसे।
सुहाने मौसम ने शहरवासियों को खासा खुश कर दिया। दिनभर बदले मौसम के बीच अधिकतम तापमान 29.2 और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में नरमी और बादलों की मौजूदगी ने वातावरण को खुशनुमा बनाए रखा। सप्ताहांत होने के कारण मौसम का असर लोगों की दिनचर्या पर भी नजर आया। परिवार सहित लोग कार लेकर शहर से आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर निकल पड़े। मौसम सुहाना होने से पिकनिक स्पाट और प्राकृतिक स्थलों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। देश के कई राज्य भारी बारिश के चलते बाढ़ की चपेट में है, जिससे जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से लगातार बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, कई नदी नाले उपान पर आ गए है और लगातार भूस्खलन की खबरें सामने आ रही है। अगर बात की जाए छत्तीसगढ़ की तो यहां पिछले 24 घंटे कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई है। वहीं, आज भी रायपुर सहित कई जिलों में आपत की बारिश होगी, इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कड़ी चेतावनी भी जारी की है।
राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में देर रात झमाझम बारिश हुई है। वहीं रूष्ठ ने आज राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़, कबीरधाम, मुंगेली, महासमुंद और बेमेतरा जिलों के अलग-अलग स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, यहां गरज चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं बिलासपुर, धमतरी, कांकेर, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, जांजगीर चांपा, बलौदा बाजार, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोरिया जिलों के अलग-अलग स्थानों पर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आज से अगले 3 दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। रूष्ठ ने 12 अगस्त तक बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गरने को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जबकि बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र सत्रिढय है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा की भी संभावना है। भारी वर्षा का प्रभाव मुख्यत: सरगुजा संभाग और बिलासपुर संभाग के जिलों में रहने का अनुमान है।
तापमान ने भी बदली दिन की चाल
वर्षा के साथ तापमान में भी गिरावट का असर महसूस हुआ। दिन का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का प्रभाव कमजोर रहा। दोपहर में कुछ समय मौसम खुला, लेकिन वातावरण में उमस पूरी तरह खत्म नहीं हुई। शाम की वर्षा के बाद मौसम और ठंडा हो गया। लोगों ने भी सुहाने मौसम को सावन के आनंद से जोड़ा।
वीकेंड बना घूमने का बहाना
शनिवार का सुहाना मौसम शहरवासियों के लिए घूमने का बहाना बन गया। सुबह से बादल देखकर कई परिवारों ने घर में रहने के बजाय आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख किया। कारों में सवार परिवार प्राकृतिक स्थलों और हरियाली वाले क्षेत्रों में पहुंचे। बच्चों ने भी मौसम का खूब आनंद लिया। लंबे समय बाद बिना तेज धूप के मिले सप्ताहांत ने लोगों को राहत दी। रविवार की छुट्टी को लेकर भी घूमने की तैयारियां दिखीं।
बादलों के पीछे सत्रिढय हैं दो मौसमी संकेत
मौसम में बदलाव के पीछे दो प्रमुख मौसमी संकेत सत्रिढय हैं। मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है, वहीं बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र विकसित हुआ है। दोनों प्रणालियों के प्रभाव से नमी युक्प हवाओं का प्रवाह बना हुआ है। यही कारण है कि एक ही समय शहर के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की तीव्रता अलग रही। कहीं पुहारें पड़ीं तो कहीं तेज बौछारें देखने मिलीं।
सुहाने मौसम ने शहरवासियों को खासा खुश कर दिया। दिनभर बदले मौसम के बीच अधिकतम तापमान 29.2 और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में नरमी और बादलों की मौजूदगी ने वातावरण को खुशनुमा बनाए रखा। सप्ताहांत होने के कारण मौसम का असर लोगों की दिनचर्या पर भी नजर आया। परिवार सहित लोग कार लेकर शहर से आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर निकल पड़े। मौसम सुहाना होने से पिकनिक स्पाट और प्राकृतिक स्थलों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। देश के कई राज्य भारी बारिश के चलते बाढ़ की चपेट में है, जिससे जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से लगातार बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, कई नदी नाले उपान पर आ गए है और लगातार भूस्खलन की खबरें सामने आ रही है। अगर बात की जाए छत्तीसगढ़ की तो यहां पिछले 24 घंटे कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई है। वहीं, आज भी रायपुर सहित कई जिलों में आपत की बारिश होगी, इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कड़ी चेतावनी भी जारी की है।
राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में देर रात झमाझम बारिश हुई है। वहीं रूष्ठ ने आज राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़, कबीरधाम, मुंगेली, महासमुंद और बेमेतरा जिलों के अलग-अलग स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, यहां गरज चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं बिलासपुर, धमतरी, कांकेर, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, जांजगीर चांपा, बलौदा बाजार, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोरिया जिलों के अलग-अलग स्थानों पर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आज से अगले 3 दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। रूष्ठ ने 12 अगस्त तक बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गरने को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जबकि बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र सत्रिढय है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा की भी संभावना है। भारी वर्षा का प्रभाव मुख्यत: सरगुजा संभाग और बिलासपुर संभाग के जिलों में रहने का अनुमान है।
तापमान ने भी बदली दिन की चाल
वर्षा के साथ तापमान में भी गिरावट का असर महसूस हुआ। दिन का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का प्रभाव कमजोर रहा। दोपहर में कुछ समय मौसम खुला, लेकिन वातावरण में उमस पूरी तरह खत्म नहीं हुई। शाम की वर्षा के बाद मौसम और ठंडा हो गया। लोगों ने भी सुहाने मौसम को सावन के आनंद से जोड़ा।
वीकेंड बना घूमने का बहाना
शनिवार का सुहाना मौसम शहरवासियों के लिए घूमने का बहाना बन गया। सुबह से बादल देखकर कई परिवारों ने घर में रहने के बजाय आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख किया। कारों में सवार परिवार प्राकृतिक स्थलों और हरियाली वाले क्षेत्रों में पहुंचे। बच्चों ने भी मौसम का खूब आनंद लिया। लंबे समय बाद बिना तेज धूप के मिले सप्ताहांत ने लोगों को राहत दी। रविवार की छुट्टी को लेकर भी घूमने की तैयारियां दिखीं।
बादलों के पीछे सत्रिढय हैं दो मौसमी संकेत
मौसम में बदलाव के पीछे दो प्रमुख मौसमी संकेत सत्रिढय हैं। मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है, वहीं बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र विकसित हुआ है। दोनों प्रणालियों के प्रभाव से नमी युक्प हवाओं का प्रवाह बना हुआ है। यही कारण है कि एक ही समय शहर के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की तीव्रता अलग रही। कहीं पुहारें पड़ीं तो कहीं तेज बौछारें देखने मिलीं।