आरबीआई अधिकारी की अनधिकृत अनुपस्थिति गंभीर कदाचार, याचिका खारिज
प्रकाशित: 15-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंबई, (भाषा)। अनधिकृत रूप से कार्य से अनुपस्थित रहना भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक अधिकारी द्वारा सार्वजनिक हित के खिलाफ और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। बंबई उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी करते हुए सेवा से हटाए गए अधिकारी को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति आर. आई. चागला और न्यायमूर्ति अद्वैत से"ना की पी" ने 10 जून को पारित आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता अनिमेष बकुली आरबीआई में वरिष्" सहायक के पद पर कार्यरत थे और लंबे समय तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना उनके दायित्वों के विपरीत है। अदालत ने कहा, इस प्रकार की अनधिकृत अनुपस्थिति निस्संदेह सार्वजनिक हित के प्रतिकूल है और गंभीर कदाचार है, जिसके लिए सेवा से बर्खास्तगी उचित है। अदालत ने बकुली की याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरबीआई द्वारा उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का निर्णय किसी प्रकार की त्रुटि से ग्रस्त नहीं है।