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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को कमतर किया है: खरगे

प्रकाशित: 15-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की wचुप्पै को लेकर रविवार को उनपर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इसके लिए कोई सबूत की आवश्यकता नहीं है कि उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को कमतर किया है। खरगे ने आरोप लगाया कि भारत के राष्ट्रीय हित रोज़ाना समर्पित किए जा रहे हैं।उन्होंने एक्स पर कहा, ओमान में अमेरिकी कार्वाई में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के शव भारत लाये जा रहे हैं, ऐसे में मैं इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करता हूं।wउन्होंने कहा, wइस दुखद घटना के तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक बयान या संवेदना संदेश नहीं आया है। देश को इसकी प्रतीक्षा थी, मोदी जी।w खरगे ने कहा, आपने देश नहीं झुकने दूंगा की बात कही थी, लेकिन अब यह साबित करने की जरूरत नहीं कि आपने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को कमतर किया है।wउन्होंने आरोप लगाया कि भारत के राष्ट्रीय हित रोजाना wसमर्पितै किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, wऔर आप इस विश्वगुरु का विमर्श गढ़कर कड़वे सच को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत वास्तव में विश्वगुरु तब था जब वह रणनीतिक स्वायत्तता रखता था और गुटनिरपेक्ष नीति अपनाता था। तब दुनिया हमारी बात सुनती थी।w खरगे ने कहा कि विदेश नीति के मामलों में भारतीय नागरिकों के जीवन को गौण बात के रूप में नहीं देखा जा सकता।उन्होंने कहा कि जब गंभीर सवाल अनुत्तरित हैं, तब wचुप्पी जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकती।wकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश को स्पष्टता चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, wओमान के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद मोदी सरकार की चुप्पी शर्मनाक है।wप्रियंका गांधी ने कहा, wअफसोस जताने या माफी मांगने के बजाय अमेरिका धमकी और आदेशों की भाषा अपना रहा है। भारत को यह स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वह एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, लेकिन हमारे कमजोर प्रधानमंत्री नागरिकों और देश की संप्रभुता दोनों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।
ये टिप्पणियां तब आयी है, जब एक दिन पहले अमेरिका ने भारत से कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उसकी नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्के रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में यह बात कही, जो शुक्रवार को भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए हुई थी।