वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

कच्चे तेल में तेजी से सहमा शेयर बाजार सेंसेक्स 561 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में

प्रकाशित: 15-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंबई, (भाषा)। कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 561 अंक टूट गया जबकि एनएसई निफ्टी में 159 अंक की गिरावट आई। विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम में तेजी आई है और निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। साथ ही विदेशी पूंजी की निकासी और डॉलर के मुकाबले रुपये के 96 के स्तर से नीचे आने का भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा। तीन कारोबारी सत्रों की बढ़त के बाद, बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत टूटकर 77,054.94 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 614.92 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 77,001.48 अंक पर आ गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.05 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक में सबसे अधिक 4.42 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स और इटर्नल शामिल हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.26 प्रतिशत बढ़कर 86.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा की निकासी के कारण मंगलवार को रुपया 96 के स्तर से नीचे आ गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी आई। इससे घरेलू शेयर बाजार पर फिर से दबाव बढ़ गया। इससे यह आशंका पैदा हुई है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में समस्या भारत में कंपनियों की कमाई में सुधार को और धीमा कर देंगी।
उन्होंने कहा कि रुपये के 96 प्रति डॉलर के स्तर को पार करने से भी स्थिति और खराब हो गई। इससे आयातित महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
इस बीच, खाने-पीने और गैर-खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से जून में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई जबकि मई में यह 9.68 प्रतिशत थी।
मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूवकांक 1.01 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.55 प्रतिशत टूटा।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 2,737 में गिरावट आई जबकि।,501 शेयर नुकसान में रहे। वहीं 195 शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्" उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, मंगलवार को बाजार दबाव में रहा। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव को लेकर चिंता फिर से बढ़ने के कारण मानक सूचकांक में आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशकों का उत्साह कम रहा। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गईं और महंगाई को लेकर चिंता फिर से बढ़ गयी है।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। हांगकांग के हैंग सेंग में भी तेजी रही।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सेंसेक्स सोमवार को 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 77,616.40 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 4.10 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,211 अंक पर रहा था।