वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

केजरीवाल के बाद सिसोदिया का जस्टिस स्वर्णकांता को खत- "मैं आपकी अदालत में पेश नहीं होऊंगा..."

प्रकाशित: 28-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
केजरीवाल के बाद सिसोदिया का जस्टिस स्वर्णकांता को खत- "मैं आपकी अदालत में पेश नहीं होऊंगा..."
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद अब पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि वह (मनीष सिसोदिया) आबकारी नीति मामले में उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे. बता दें कि ये मामला दिल्ली के कथित शराब नीति से जुड़ा है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिख कर उनकी अदालत में पेश ना होने की बात कह चुके हैं.
अरविंद केजरीवाल भी लिख चुके हैं पत्र
इससे पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता को एक चिट्ठी लिखी थी. ये चिट्ठी उन्होंन दुखी मन से लिखी थी जिसमें केजरीवाल ने कहा कहा था कि मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है इसलिए मैंने महात्मा गांधी की तरह सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है. केजरीवाल ने आगे लिखा कि अब वह खुद या वकील के जरिए जस्टिस स्वर्णकांता के सामने पेश नहीं होंगे. उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की भी बात कही थी. केजरीवाल के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखी है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी मांग
इससे पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने दिल्ली हाईकोर्ट में याजिका दायर कर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को आबकारी नीति मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की गई थी. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले का बाद पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा को चिट्ठी लिखी और उसके बाद मनीष सिसोदिया ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर उनकी अदालत में पेश ना होने की बात कही है.
जानें क्या है पूरा मामला?
बता दें कि पूरा मामला अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दिए गए एक हलफनामे के बाद सामने आया. जिसमें केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के दोनों बच्चों का जिक्र किया. केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अधीन काम करते हैं. इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा कि उनके दोनों बच्चे केंद्र सरकार के पैनल काउंसिल के रूप में काम करते हैं और उन्हें मामलों का आवंटन तुषार मेहता के माध्यम से होता है.
इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने दलील दी कि चूंकि सीबीआई की ओर से तुषार मेहता वकील हैं, इसलिए जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा उनके खिलाफ आदेश कैसे दे पाएंगी. इसके पीछे केजरीवाल ने तर्क दिया कि चूंकि इस मामले में सीबीआई की ओर से भी तुषार मेहता पेश हो रहे हैं, ऐसे में 'हितों के टकराव' की आशंका पैदा होती है.
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सिसोदिया ने भी दी चुनौती
बता दें कि दिल्ली आकबारी नीति मामले में राउज एवेन्यू के फैसले को सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी. आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई से एक दिन पहले 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और हाईकोर्ट में जज बदलने की मांग की. इस मामले में केजरीवाल के साथ सह आरोपी मनीष सिसोदिया ने भी दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से जारी समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौत दी.