अजय कुमार शर्मा कौन हैं? जिनके पश्चिम बंगाल पहुंचते ही मच गया सियासी घमासान
प्रकाशित: 28-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत बुधवार (29 अप्रैल 2026) को मतदान होगा. पहले चरण में जहां राज्य की 152 सीटों के लिए वोट डाले गए थे तो वहीं दूसरे चरण में राज्य की बाकी सभी 142 सीटों के लिए मतदान होगा. दूसरे चरण के मतदान से पहले ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया. जिसकी वजह यूपी के 'सिंघम' अजय पाल शर्मा.
दरअसल, चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है. अजय पाल शर्मा ने वहां पहुंचते ही गुंडों और माफियाओं को चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा कि आसपास के जितने भी लोग हैं अच्छी तरह से समझ लें कि अगर किसी ने बदमाशी की तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा. गुंडों-माफियाओं को चेतावनी देने का उनका ये वीडियो वायरल हो गया. उसके बाद बंगाल में सियासी घमासान शुरू हो गया.
कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा?
बता दें कि अजय पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. वह 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी है. वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में है. जहां पर वे एडिशनल पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात हैं. उनका नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में शामिल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर जैसे जिलों में अपराधियों पर नकेल कसी है.
इसके साथ ही उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी माना जाता है. वे काफी फिट और शानदार लुक वाले अधिकारी है. इसके अलावा अपने रुतबे के कारण उनकी छवि पुलिस विभाग में सिंघम के रूप में बनी हुई है. बता दें कि आईपीएस अजय पाल शर्मा ने डेंटिस्ट की भी पढ़ाई की है.
बंगाल पहुंचते ही वायरल हुआ वीडियो
चुनाव आयोग ने आईपीएस अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है. बंगाल पहुंचते ही उन्होंने गुंडो-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया. इस दौरान उनका एक वीडियो भी वायरल हो गया. जिसमें वे कह रहे हैं कि डराने-धमकाने की खबरें आ रही हैं. ऐसे लोग सुधर जाएं, नहीं तो ऐक्शन होगा. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में वे टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर के समर्थकों को भी चेतावनी देते दिख रहे हैं. जिसमें वे कहते हैं कि जहांगीर के घर के लोग भी सुन रहे हैं. उसे समझा दें कि वोटरों को धमकाने की शिकायतें आईं तो अच्छे से खबर लेंगे. फिर बाद में रोना-पछताना मत.
टीएमसी ने की अजय पाल की शिकायत
आईपीएस अजय पाल शर्मा का वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उनकी शिकायत तक दी. टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर पैराशूट से उतारा है. इसके साथ ही टीएमसी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि अजय पाल पुलिस की वर्दी को निजी एटीएम की तरह इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा टीएमसी ने अजय पाल शर्मा के ऊपर एनकाउंटरों को लेकर भी आरोप लगाए. साथ ही उनके खिलाफ तमाम तरह की पुलिस शिकायतों का भी टीएमसी ने ब्यौरा दिया.
TMC ने किस बात को लेकर जताई आपत्ति
दरअसल, चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को दक्षिण परगना जिले में तैनात किया है. जिसे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है. दूसरे चरण के चुनाव के दौरान वहां किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो. इसी के लिए चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को यहां भेजा है. ये बात टीएमसी को रास नहीं आ रही है.
दरअसल, चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है. अजय पाल शर्मा ने वहां पहुंचते ही गुंडों और माफियाओं को चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा कि आसपास के जितने भी लोग हैं अच्छी तरह से समझ लें कि अगर किसी ने बदमाशी की तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा. गुंडों-माफियाओं को चेतावनी देने का उनका ये वीडियो वायरल हो गया. उसके बाद बंगाल में सियासी घमासान शुरू हो गया.
कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा?
बता दें कि अजय पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. वह 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी है. वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में है. जहां पर वे एडिशनल पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात हैं. उनका नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में शामिल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर जैसे जिलों में अपराधियों पर नकेल कसी है.
इसके साथ ही उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी माना जाता है. वे काफी फिट और शानदार लुक वाले अधिकारी है. इसके अलावा अपने रुतबे के कारण उनकी छवि पुलिस विभाग में सिंघम के रूप में बनी हुई है. बता दें कि आईपीएस अजय पाल शर्मा ने डेंटिस्ट की भी पढ़ाई की है.
बंगाल पहुंचते ही वायरल हुआ वीडियो
चुनाव आयोग ने आईपीएस अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है. बंगाल पहुंचते ही उन्होंने गुंडो-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया. इस दौरान उनका एक वीडियो भी वायरल हो गया. जिसमें वे कह रहे हैं कि डराने-धमकाने की खबरें आ रही हैं. ऐसे लोग सुधर जाएं, नहीं तो ऐक्शन होगा. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में वे टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर के समर्थकों को भी चेतावनी देते दिख रहे हैं. जिसमें वे कहते हैं कि जहांगीर के घर के लोग भी सुन रहे हैं. उसे समझा दें कि वोटरों को धमकाने की शिकायतें आईं तो अच्छे से खबर लेंगे. फिर बाद में रोना-पछताना मत.
टीएमसी ने की अजय पाल की शिकायत
आईपीएस अजय पाल शर्मा का वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उनकी शिकायत तक दी. टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर पैराशूट से उतारा है. इसके साथ ही टीएमसी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि अजय पाल पुलिस की वर्दी को निजी एटीएम की तरह इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा टीएमसी ने अजय पाल शर्मा के ऊपर एनकाउंटरों को लेकर भी आरोप लगाए. साथ ही उनके खिलाफ तमाम तरह की पुलिस शिकायतों का भी टीएमसी ने ब्यौरा दिया.
TMC ने किस बात को लेकर जताई आपत्ति
दरअसल, चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को दक्षिण परगना जिले में तैनात किया है. जिसे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है. दूसरे चरण के चुनाव के दौरान वहां किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो. इसी के लिए चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को यहां भेजा है. ये बात टीएमसी को रास नहीं आ रही है.