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धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा.. इनकार करने पर सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला, मुंबई के मीरा रोड में मचा हड़कंप

प्रकाशित: 28-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा.. इनकार करने पर सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला, मुंबई के मीरा रोड में मचा हड़कंप
मुंबई: महाराष्ट्र के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर हुए हमले के मामले मामले में जांच अब और गहराती जा रही है। जांच एजेंसी सूत्रों के मुताबिक इस घटना का आतंकी कनेक्शन है और इसमें लोन वुल्फ हमले की आशंका जताई जा रही है। जांच के दौरान आरोपी के पास से एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें ISIS, जिहाद और गाज़ा जैसे शब्द लिखे पाए गए हैं। आरोपी ने इन गार्ड्स से उनके धर्म के बारे में पूछा था और यह भी पूछा था कि क्या वे कलमा पढ़ सकते हैं।
कट्टरपंथी विचारों से भरे नोट मिलने पर गहराया शक
सूत्रों के अनुसार आरोपी के पास से जो नोट मिला है उसमें धमकी भरे वाक्य और कट्टरपंथी विचारों के संकेत मिले हैं, जिससे जांच एजेंसियों का शक और गहरा गया है। नोट में लिखा है-जैसे- “LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!” इसके अलावा कुछ असंगत बातें भी लिखी गई थीं, जैसे“People, family, wives, parents… will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by…”. शुरुआती जांच में संदिग्ध परिस्थितियां सामने आने के बाद मामला एटीएस को सौंप दिया गया। आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल डेटा, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा
पुलिस के मुताबिक आरोपी ज़ुबैर पहले मौके पर पहुंचा और मस्जिद का रास्ता पूछकर वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह फिर लौटा और इस बार उसने गार्ड से उसका धर्म पूछा और फिर कथित तौर पर ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। जैसे ही गार्ड ने ऐसा करने से इनकार किया। आरोपी ने अचानक चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वह सिक्योरिटी केबिन में घुसा जहां मौजूद दूसरे गार्ड पर भी इसी तरह हमला किया गया।
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान कुछ ऐसे नोट्स और दस्तावेज मिले जिनमें कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़ी विचारधारा के संकेत पाए गए। कुछ नोट्स में ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’ और ‘गाज़ा’ जैसे शब्द लिखे मिले।
साइंस ग्रैजुएट है आरोपी जुबैर, अमेरिका में भी रह चुका है
ज़ुबैर अंसारी एक साइंस ग्रेजुएट है। वह कई साल तक अमेरिका में रह चुका है। भारत लौटने के बाद वह मीरा रोड में अकेले रह रहा था और ऑनलाइन केमिस्ट्री पढ़ाने का काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि नौकरी नहीं मिलने और अकेलेपन के दौरान वह धीरे-धीरे ऑनलाइन कट्टरपंथी कंटेंट की तरफ झुक गया। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी सोशल मीडिया, वीडियो प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ऐसे कंटेंट के संपर्क में आया, जो कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देता है।
आने वाले दिनों में एटीएस कर सकती है कई बड़े खुलासे
क्या आरोपी ने यह हमला अकेले किया या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि हमला पहले से प्लान किया गया था या अचानक हुई घटना का नतीजा था। मीरा रोड की यह घटना सिर्फ एक क्राइम नहीं बल्कि एक गंभीर संकेत है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथ समाज में प्रवेश कर रहा है। अब पूरा मामला ATS के हाथ में है और आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।