मानवता की सेवा में किया गया रक्तदान हमारे सैनिकों के बलिदान की भावना के समान है : विजेन्द्र गुप्ता
प्रकाशित: 27-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। मातृभूमि की रक्षा में बहाया गया रक्त हमारी स्वतंत्रता को सुरक्षित करता है और मानवता की सेवा में किया गया रक्तदान जीवन बचाता है, दोनों ही राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च निस्वार्थ समर्पण और बलिदान के प्रतीक हैं। इस भावपूर्ण संदेश के साथ दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने आज महाराजा अग्रसेन भवन, रोहिणी में आयोजित वार्षिक रक्तदान शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्री गुप्ता ने कारगिल के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की तथा भारतीय सैनिकों की पवित्र स्मृति को एक महान मानवीय पहल से जोड़ने के लिए आयोजकों की सराहना की।
पदाधिकारियों, वीर सैन्य पूर्व सैनिकों, गणमान्य अतिथियों एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए श्री विजेन्द्र गुप्ता ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरगाथा का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सत्ताईस वर्ष पहले बहुत प्रतिकूल मौसम एवं दुर्गम पर्वतीय परिस्थितियों में भारत के वीर सैनिकों ने देश की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की थी। दुर्गम पर्वत चोटियों पर चढ़कर घुसपैठियों को खदेड़ते हुए हमारे वीर जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि लद्दाख की पर्वत श्रृंखलाओं पर भारत का तिरंगा सदैव गर्व के साथ लहराता रहे। लद्दाख एवं कारगिल के युद्धस्थलों की अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने उन ऐतिहासिक स्थलों को याद किया, जहाँ यह भीषण युद्ध लड़ा गया था। उन्होंने सीमा से लगे थांग जैसे गाँवों के स्थानीय निवासियों से हुई अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों ने शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान के बीच अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पुन भारत के अधिकार में लिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का अदम्य साहस, उच्च मनोबल और अटूट संकल्प आज भी पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्पाम में उपस्थित सैन्य पूर्व सैनिकों, विशेष रूप से श्री एस.के. गोयल के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए श्री विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि हमारे रक्षा बलों द्वारा प्रदर्शित त्याग और समर्पण की भावना ही भारत की शांति, स्थिरता और प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह भारतीय राष्ट्र के उस अटूट संकल्प का प्रतीक थी, जो अपनी पवित्र मातृभूमि का एक इंच भूभाग भी शत्रु के हाथों में नहीं जाने देता। विधानसभा अध्यक्ष ने कारगिल विजय दिवस पर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए रक्तदान फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान जनसेवा के सर्वोच्च कार्यों में से एक है, जो शहीदों की स्मृति को सार्थक नागरिक कर्तव्य में परिवर्तित करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण तथा समाज सेवा में सािढय भागीदारी के माध्यम से भारत के वीर सैनिकों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाएँ। अपने समापन संबोधन में श्री विजेन्द्र गुप्ता ने उपस्थित सभी लोगों से राष्ट्रीय एकता, समर्पण और सेवा के प्रति स्वयं को प्रतिबद्ध करने का आह्वान किया। कार्पाम का समापन स्वैच्छिक रक्तदाताओं एवं सैन्य पूर्व सैनिकों के सम्मान तथा भारतीय सशस्त्र बलों के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
नई दिल्ली। मातृभूमि की रक्षा में बहाया गया रक्त हमारी स्वतंत्रता को सुरक्षित करता है और मानवता की सेवा में किया गया रक्तदान जीवन बचाता है, दोनों ही राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च निस्वार्थ समर्पण और बलिदान के प्रतीक हैं। इस भावपूर्ण संदेश के साथ दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने आज महाराजा अग्रसेन भवन, रोहिणी में आयोजित वार्षिक रक्तदान शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्री गुप्ता ने कारगिल के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की तथा भारतीय सैनिकों की पवित्र स्मृति को एक महान मानवीय पहल से जोड़ने के लिए आयोजकों की सराहना की।
पदाधिकारियों, वीर सैन्य पूर्व सैनिकों, गणमान्य अतिथियों एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए श्री विजेन्द्र गुप्ता ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरगाथा का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सत्ताईस वर्ष पहले बहुत प्रतिकूल मौसम एवं दुर्गम पर्वतीय परिस्थितियों में भारत के वीर सैनिकों ने देश की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की थी। दुर्गम पर्वत चोटियों पर चढ़कर घुसपैठियों को खदेड़ते हुए हमारे वीर जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि लद्दाख की पर्वत श्रृंखलाओं पर भारत का तिरंगा सदैव गर्व के साथ लहराता रहे। लद्दाख एवं कारगिल के युद्धस्थलों की अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने उन ऐतिहासिक स्थलों को याद किया, जहाँ यह भीषण युद्ध लड़ा गया था। उन्होंने सीमा से लगे थांग जैसे गाँवों के स्थानीय निवासियों से हुई अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों ने शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान के बीच अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पुन भारत के अधिकार में लिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का अदम्य साहस, उच्च मनोबल और अटूट संकल्प आज भी पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्पाम में उपस्थित सैन्य पूर्व सैनिकों, विशेष रूप से श्री एस.के. गोयल के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए श्री विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि हमारे रक्षा बलों द्वारा प्रदर्शित त्याग और समर्पण की भावना ही भारत की शांति, स्थिरता और प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह भारतीय राष्ट्र के उस अटूट संकल्प का प्रतीक थी, जो अपनी पवित्र मातृभूमि का एक इंच भूभाग भी शत्रु के हाथों में नहीं जाने देता। विधानसभा अध्यक्ष ने कारगिल विजय दिवस पर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए रक्तदान फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान जनसेवा के सर्वोच्च कार्यों में से एक है, जो शहीदों की स्मृति को सार्थक नागरिक कर्तव्य में परिवर्तित करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण तथा समाज सेवा में सािढय भागीदारी के माध्यम से भारत के वीर सैनिकों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाएँ। अपने समापन संबोधन में श्री विजेन्द्र गुप्ता ने उपस्थित सभी लोगों से राष्ट्रीय एकता, समर्पण और सेवा के प्रति स्वयं को प्रतिबद्ध करने का आह्वान किया। कार्पाम का समापन स्वैच्छिक रक्तदाताओं एवं सैन्य पूर्व सैनिकों के सम्मान तथा भारतीय सशस्त्र बलों के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।