एग्जाम रिफॉर्म के लिए हाई पावर्ड कमेटी गठित
प्रकाशित: 27-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर छात्रों के लिए एक नया वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में पीएम मोदी ने बताया कि एग्जाम रिफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई गई है।
नीट पेपर लीक विवाद के बीच पीएम मोदी का छात्रों के लिए ये तीसरा वीडियो मैसेज है। पहला वीडियो मैसेज 23 जुलाई की रात 11:52 बजे जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक को लेकर सख्त फैसला लिया जाएगा। इसके बाद अगले ही दिन उन्होंने एक और वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने छात्रों को धन्यवाद किया था।अब रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मिनट 20 सेकंड का नया वीडियो जारी किया है। पहले दो वीडियो की तरह ही इस वीडियो की शुरुआत भी पीएम मोदी ने 'फ्रेंड्स' कहकर की है। पीएम मोदी ने अपने इस वीडियो में कहा, 'फ्रेंड्स, विद्यार्थियों के भविष्य के लिए, भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे हैं। हमें फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं। हम कल पार्लियामेंट के अंदर कठोर प्रावधानों के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है।'उन्होंने कहा, 'हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो, हमारी परीक्षा पद्धति ट्रांसपेरेंट हो, हमारी परीक्षा पद्धति में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो, इन सारी बातों को ध्यान रखते हुए विश्वप्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन निलेकणनी के नेतृत्व में हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है, जो एग्जाम रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम इसकी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
इस कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह शामिल होगा। नीलेकणी के अलावा कार्यबल के अन्य सदस्यों में इसरो के पूर्व निदेशक एस. सोमनाथ, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। प्रधानमंत्री की यह घोषणा 36 दिनों तक चले उस आंदोलन के समाप्त होने के एक दिन बाद आई, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने किया था।
यह आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर छात्रों के लिए एक नया वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में पीएम मोदी ने बताया कि एग्जाम रिफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई गई है।
नीट पेपर लीक विवाद के बीच पीएम मोदी का छात्रों के लिए ये तीसरा वीडियो मैसेज है। पहला वीडियो मैसेज 23 जुलाई की रात 11:52 बजे जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक को लेकर सख्त फैसला लिया जाएगा। इसके बाद अगले ही दिन उन्होंने एक और वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने छात्रों को धन्यवाद किया था।अब रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मिनट 20 सेकंड का नया वीडियो जारी किया है। पहले दो वीडियो की तरह ही इस वीडियो की शुरुआत भी पीएम मोदी ने 'फ्रेंड्स' कहकर की है। पीएम मोदी ने अपने इस वीडियो में कहा, 'फ्रेंड्स, विद्यार्थियों के भविष्य के लिए, भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे हैं। हमें फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं। हम कल पार्लियामेंट के अंदर कठोर प्रावधानों के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है।'उन्होंने कहा, 'हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो, हमारी परीक्षा पद्धति ट्रांसपेरेंट हो, हमारी परीक्षा पद्धति में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो, इन सारी बातों को ध्यान रखते हुए विश्वप्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन निलेकणनी के नेतृत्व में हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है, जो एग्जाम रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम इसकी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
इस कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह शामिल होगा। नीलेकणी के अलावा कार्यबल के अन्य सदस्यों में इसरो के पूर्व निदेशक एस. सोमनाथ, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। प्रधानमंत्री की यह घोषणा 36 दिनों तक चले उस आंदोलन के समाप्त होने के एक दिन बाद आई, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने किया था।
यह आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था।