वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार की बल्ले-बल्ले

प्रकाशित: 03-09-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। परस्पर विरोधी खबरों के बावजूद कुछ अच्छी खबरें मिलने से मोदी सरकार एक बार फिर बल्ले बल्ले है। देश की अर्थव्यवस्था में मिले सुधार के संकेतों से मोदी सरकार को सुकून मिला है। भारत की इकॉनमी और मजबूत हुई है। खाड़ी युद्ध और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने इस साल सभी को चौंका दिया है। भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत उम्मीद से बेहतर की है। अप्रैल-जून तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी 7.8ज्ञ् बढ़ी। यह बाजार के 7.3ज्ञ् के अनुमान से ज्यादा रही। खास बात यह है कि इस तेजी के पीछे सिर्फ आम लोगों का खर्च नहीं रहा। कंपनियों का निवेश, निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ने ग्रोथ को ज्यादा ताकत दी। पहली तिमाही में निवेश 11.9ज्ञ् और निर्यात 12ज्ञ् बढ़ा। इसके मुकाबले आम लोगों के खर्च यानी निजी खपत में 7.1ज्ञ् की बढ़ोतरी हुई। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह ग्रोथ भारतीय रिजर्व बैंक के 7ज्ञ् के अनुमान से अधिक रही। हालांकि, पिछली तिमाही में दर्ज 8.6ज्ञ् की वृद्धि के मुकाबले इसमें कमी आई है। वहीं, एक साल पहले की समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रही थी। इस प्रदर्शन के साथ भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7.8ज्ञ् जीडीपी ग्रोथ को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती बताया। उन्होंने वैश्विक संकट, युद्ध और सप्लाई चेन बाधाओं के बावजूद भारत की तेज रफ्तार की सराहना करते हुए 'झूठ की गूंज' फैलाने वालों पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और सुधारों के सकारात्मक प्रभाव के साथ साथ देशवासियों की मेहनत और उद्यमशीलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने इस उपलब्धि का श्रेय देश के लोगों के संकल्प और मेहनत को दिया। भारतीय अर्थव्यवस्था अब मोदी सरकार के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष 2025 अच्छा रहा। वर्ष 2026 में भी यह रफ़्तार जारी रहने की उम्मीद है। आशा की जा रही है चालू वर्ष भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए काफी सुकूनदायी साबित होगा है। जीडीपी को लेकर देश में भारी चर्चा हो रही है। आखिर ये जीडीपी है क्या और इसकी इतने व्यापक स्तर पर चर्चा क्यों हो रही है। यह जानना देशवासियों के लिए बहुत जरुरी है। कहां से आया इसका विचार। जीडीपी को सबसे पहले अमेरिका के एक अर्थशास्त्राr साइमन ने 1935-44 के दौरान इस्तेमाल किया था। इस शब्द को साइमन ने ही अमेरिका को परिचय कराया था।
-बाल मुकुन्द ओझा,
जयपुर, राजस्थान।