आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे
प्रकाशित: 23-06-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
दिल्ली के तुगलकाबाद एक्स. इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें एक नौ वर्षीय मासूम बच्चे पर एक गाय ने अचानक बेरहमी से हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गाय ने बच्चे को अपने सींगों से पटक दिया। इस हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया, लेकिन एक राहगीर की तुरंत और साहसिक प्रतिािढया ने बच्चे की जान बचाई। घटना उस समय हुई जब बच्चा इलाके की सड़क पर खेल रहा था या गुजर रहा था। अचानक गाय ने उस पर झपट्टा मारा। फुटेज में दिख रहा है कि गाय ने बच्चे को जोरदार तरीके से पटका, जिससे बच्चा जमीन पर गिर गया। इसके बाद गाय ने बच्चे को कुचलने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए। बच्चे की चीखें और उसकी तकलीफ देखकर माहौल दहल गया। इसी दौरान एक आम राहगीर बिना किसी हिचकिचाहट के आगे बढ़ा। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना गाय के हमले का सामना किया और बच्चे को उसकी चंगुल से निकालने की कोशिश की। राहगीर ने गाय को भगाने और बच्चे को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यदि वह व्यक्ति समय पर नहीं पहुंचता तो बच्चे की जान जा सकती थी। हमले की तीव्रता को देखते हुए वह काफी डरा हुआ है और शारीरिक चोटों के साथ-साथ मानसिक आघात भी झेल रहा है।
दिल्ली में आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खासकर तुगलकाबाद एक्सटेंशन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में सड़कों पर घूमती। पहले भी कई बार बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर उनके हमले की खबरें आ चुकी हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि नगर निगम और प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। गायों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम या सुरक्षित जगहों पर भेजने की मांग लगातार उठ रही है। कई नागरिकों ने इस घटना को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है। पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इलाके में आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा जानवरों की बढ़ती समस्या को उजागर किया है। बच्चे की जान बचाने वाले राहगीर की बहादुरी न सिर्फ सराहनीय है बल्कि यह उदाहरण बन गया है कि संकट के समय इंसानियत अभी भी जिंदा है। उम्मीद की जाती है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे हादसों को दोहरने से रोकेगा ताकि कोई और मासूम इस तरह की बर्बरता का शिकार न बने। बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना सभी कर रहे हैं।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।
दिल्ली में आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खासकर तुगलकाबाद एक्सटेंशन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में सड़कों पर घूमती। पहले भी कई बार बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर उनके हमले की खबरें आ चुकी हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि नगर निगम और प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। गायों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम या सुरक्षित जगहों पर भेजने की मांग लगातार उठ रही है। कई नागरिकों ने इस घटना को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है। पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इलाके में आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा जानवरों की बढ़ती समस्या को उजागर किया है। बच्चे की जान बचाने वाले राहगीर की बहादुरी न सिर्फ सराहनीय है बल्कि यह उदाहरण बन गया है कि संकट के समय इंसानियत अभी भी जिंदा है। उम्मीद की जाती है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे हादसों को दोहरने से रोकेगा ताकि कोई और मासूम इस तरह की बर्बरता का शिकार न बने। बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना सभी कर रहे हैं।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।