विश्व में 2500 स्थानों और 210 से अधिक दूतावासों में मना योग उत्सव डॉ. मोहन यादव
प्रकाशित: 22-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राम मोहन यादव
भोपाल । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सेवा, सुशासन व गरीब कल्याण के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को सामूहिक योग किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल सहित प्रदेश शासन के मंत्रीगणों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उद्बोधन भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की थीम-योगा फॉर हेल्दी एजिंग है। योग वैश्विक शांति और कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक बनाने में अहम भूमिका निभाई। आज विश्व में 2500 स्थानों और 210 से अधिक दूतावासों में योग का उत्सव मनाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है। इस वर्ष राष्ट्रीय कार्पाम का नेतृत्व प्रधानमंत्री द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया जा रहा है। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया जा रहा है, 210 से अधिक दूतावास भी कार्पाम में हिस्सेदारी कर रहे हैं। भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान, विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री जी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए हर घर योग अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। उन्होंने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्पाम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया। हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामय की कामना की। मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्री कृष्ण को मध्यप्रदेश की धरती पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग रही है। योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया। इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के अधिकांश देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वर्ष 2015 में जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी तब 84 देशों ने नई दिल्ली में आयोजित कार्पाम में भागीदारी की थी, जबकि आज विश्व के अधिकांश देशों में योग अपनाया जा रहा है। वर्ष 2023 में संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्पाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति ने योग को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में योग देश के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। योग हजारों वर्षों से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी के सतत प्रयासों के कारण आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है। योग व्यक्ति के तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के तन-मन को स्वस्थ रखकर सकारात्मकता का संचार करता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग को जन-जन का संकल्प बनाया जाए। सभी लोग योग करें और स्वस्थ रहें। योग करने से व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ रहता है।
भोपाल । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सेवा, सुशासन व गरीब कल्याण के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को सामूहिक योग किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल सहित प्रदेश शासन के मंत्रीगणों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उद्बोधन भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की थीम-योगा फॉर हेल्दी एजिंग है। योग वैश्विक शांति और कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक बनाने में अहम भूमिका निभाई। आज विश्व में 2500 स्थानों और 210 से अधिक दूतावासों में योग का उत्सव मनाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है। इस वर्ष राष्ट्रीय कार्पाम का नेतृत्व प्रधानमंत्री द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया जा रहा है। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया जा रहा है, 210 से अधिक दूतावास भी कार्पाम में हिस्सेदारी कर रहे हैं। भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान, विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री जी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए हर घर योग अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। उन्होंने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्पाम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया। हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामय की कामना की। मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्री कृष्ण को मध्यप्रदेश की धरती पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग रही है। योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया। इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के अधिकांश देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वर्ष 2015 में जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी तब 84 देशों ने नई दिल्ली में आयोजित कार्पाम में भागीदारी की थी, जबकि आज विश्व के अधिकांश देशों में योग अपनाया जा रहा है। वर्ष 2023 में संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्पाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति ने योग को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में योग देश के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। योग हजारों वर्षों से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी के सतत प्रयासों के कारण आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है। योग व्यक्ति के तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के तन-मन को स्वस्थ रखकर सकारात्मकता का संचार करता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग को जन-जन का संकल्प बनाया जाए। सभी लोग योग करें और स्वस्थ रहें। योग करने से व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ रहता है।