दुनिया उठा रही है तीन देशों के युद्ध का खामियाजा
प्रकाशित: 14-03-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
तीन देशों के युद्ध में इस समय समूची दुनिया प्रभावित हो रही है। अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है और तेल गैस का संकट खड़ा हो गया है। भारत अपनी गुट निरपेक्षता के लिए जाना जाता है और इस समय भारत भी कई प्रकार के संकट झेलने को मजबूर है। युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति सूद पेजेशकियन के साथ फोन पर अहम बातचीत की है। टेलिफोन पर हुई चर्चा के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखकर ईरानी नेता के साथ हुई अहम बातचीत का ब्योरा साझा किया है। मोदी ने लिखा- 'मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से क्षेत्रीय गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए बातचीत की है। इस दौरान मैंने तनाव बढ़ने से रोकने, नागरिकों की जान की हिफाजत और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई। युद्ध अगर लंबा चला तो इस महंगाई का असर देश की आर्थिक वृद्धि पर भी पड़ सकता है। अप्रत्यक्ष रूप से दुनिया के करीब 40 देश इस जंग में शामिल हैं। अमेरिका लाख दावा करे लेकिन इस युद्ध से दुनियाभर में चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं, इस युद्ध का असर ईरान, इजरायल और अमेरिका तक सीमित नहीं है. आर्थिक जंग की चपेट में दुनियाभर के तमाम देश आ चुके हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का सीधा असर भारत में गैस की सप्लाई, तेल की कीमतों और जरूरत की अन्य चीजों पर पड़ने लगा है। भारत में इस समय एलपीजी के संकट से देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। सरकार की लाख सफाई के बावजूद लोग खाली सिलेंडर लिए घूम रहे है। सरकार का दावा है कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है, लेकिन टैंकरों की आवाजाही जल्द शुरू नहीं हुई तो यह भी दबाव में आ सकता है। एलपीजी की कमी के कारण जोमैटो और स्विगी के ऑर्डर्स में 50-60 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है।
-बाल मुकुंद ओझा,
जयपुर, राजस्थान।
-बाल मुकुंद ओझा,
जयपुर, राजस्थान।