कमर्शियल गैस सिलेंडर पर सरकार का बड़ा फैसला, सप्लाई में 20% कोटा मिलेगा, होटल-रेस्तरां को मिलेगी राहत
प्रकाशित: 13-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
**नई दिल्ली:**
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसले के अनुसार, रजिस्टर्ड कमर्शियल उपभोक्ताओं को उनकी कुल मांग का लगभग 20 प्रतिशत तक गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को सीमित मात्रा में ही सही, लेकिन नियमित गैस उपलब्ध कराना है, ताकि उनका संचालन पूरी तरह प्रभावित न हो।
देश के कई शहरों में गैस की कमी के कारण कुछ रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि कई जगहों पर व्यवसायियों ने अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है। खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध न होने से पर्यटन और होटल उद्योग भी प्रभावित हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और होटल-रेस्टोरेंट व पर्यटन क्षेत्र पर इसके प्रभाव की समीक्षा की गई। बैठक के बाद सीमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की 20 प्रतिशत सप्लाई किन-किन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी, इसका निर्णय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित राज्य सरकारें मिलकर करेंगी। यह सुविधा केवल उन उपभोक्ताओं को मिलेगी जिनके पास वैध कमर्शियल गैस कनेक्शन है।
इससे पहले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखकर गैस आपूर्ति में हो रही दिक्कतों की जानकारी दी थी। एसोसिएशन ने सुझाव दिया था कि होटल और रेस्टोरेंट्स को रोजाना कम से कम एक या दो सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो। साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत लाने की भी मांग की गई थी, जिससे नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसले के अनुसार, रजिस्टर्ड कमर्शियल उपभोक्ताओं को उनकी कुल मांग का लगभग 20 प्रतिशत तक गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को सीमित मात्रा में ही सही, लेकिन नियमित गैस उपलब्ध कराना है, ताकि उनका संचालन पूरी तरह प्रभावित न हो।
देश के कई शहरों में गैस की कमी के कारण कुछ रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि कई जगहों पर व्यवसायियों ने अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है। खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध न होने से पर्यटन और होटल उद्योग भी प्रभावित हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और होटल-रेस्टोरेंट व पर्यटन क्षेत्र पर इसके प्रभाव की समीक्षा की गई। बैठक के बाद सीमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की 20 प्रतिशत सप्लाई किन-किन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी, इसका निर्णय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित राज्य सरकारें मिलकर करेंगी। यह सुविधा केवल उन उपभोक्ताओं को मिलेगी जिनके पास वैध कमर्शियल गैस कनेक्शन है।
इससे पहले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखकर गैस आपूर्ति में हो रही दिक्कतों की जानकारी दी थी। एसोसिएशन ने सुझाव दिया था कि होटल और रेस्टोरेंट्स को रोजाना कम से कम एक या दो सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो। साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत लाने की भी मांग की गई थी, जिससे नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।