अवैध कारोबारियों पर पुलिस की पैनी निगाहे
प्रकाशित: 22-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
शहडोल (वीअ)। जिले के कोयलांचल क्षेत्र धनपुरी में सािढय अवैध कोयला माफिया, चोरों और कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने वाले असामाजिक तत्वों की अब खैर नहीं है। जिले में पूर्ण शांति, सुरक्षा और औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए पुलिस प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन ने मिल कर एक अभेद्य सुरक्षा पा तैयार कर लिया है।
इसी कड़ी में एसईसीएल सोहागपुर एरिया के कर्मठ व दूरदर्शी महाप्रबंधक बीके जेना ने एसपी संजय कुमार अग्रवाल से उनके कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण शिष्टाचार व रणनीतिक भेंट की। इस अत्यंत सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने पर गहन मंथन हुआ, बल्कि कोयला परियोजनाओं की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से प्रभावी बनाने तथा कोयला परिवहन के दौरान कानून का राज स्थापित करने के लिए एक साझा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। महाप्रबंधक बीके जेना ने राष्ट्र निर्माण में कोयला उत्पादन के महत्व को रेखांकित करते हुए पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई, जिस पर एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने तत्परता दिखाते हुए एसईसीएल प्रबंधन को पूर्ण और चौबीस घंटे सहयोग का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने साफ लहजे में अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में मजबूत कानून व्यवस्था बनाए रखना और औद्योगिक संपदा की रक्षा करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कोयला उत्खनन, चोरी और अवैध परिवहन जैसी रीढ़ तोड़ने वाली गतिविधियों पर अब लगातार और चौतरफा प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होंगी और समूचे क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल और मजबूत होगा। दोनों शीर्ष अधिकारियों की इस जुगलबंदी और दृढ़ संकल्प की पूरे कोयला अंचल में जमकर सराहना हो रही है। इस महा-अभियान के तहत केवल बाहरी माफिया ही नहीं, बल्कि विभागों के भीतर छिपे सफेदपोशों और संदिग्धों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
इसी कड़ी में कोयलांचल और प्रशासनिक हलकों से जुड़े चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों में चल रही कतिपय संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन बेहद गंभीर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल से जुड़े कुछ संदिग्ध तत्वों और स्टाफ की भूमिका को लेकर भी आंतरिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले को बेहद गोपनीय रखा गया है और समाचार में उन संदिग्धों के नामों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है, ताकि भनक लगते ही ये संदेही सतर्क न हो सकें और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का कोई मौका न मिले।
प्रशासन और पुलिस की खुफिया शाखा एक सुनियोजित 'पोट ऑपरेशन' के तहत इस पूरे तालमेल की गहराई से जांच कर रही है। जैसे ही इस गोपनीय जांच की कड़ियां पूरी होंगी, वैसे ही दोषियों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कानूनी एक्शन होना तय माना जा रहा है।
अधिकारियों के इस बेहद सूझबूझ भरे और गोपनीय कदम की वजह से भ्रष्टाचारियों और सांठगांठ करने वालों के खेमे में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
इसी कड़ी में एसईसीएल सोहागपुर एरिया के कर्मठ व दूरदर्शी महाप्रबंधक बीके जेना ने एसपी संजय कुमार अग्रवाल से उनके कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण शिष्टाचार व रणनीतिक भेंट की। इस अत्यंत सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने पर गहन मंथन हुआ, बल्कि कोयला परियोजनाओं की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से प्रभावी बनाने तथा कोयला परिवहन के दौरान कानून का राज स्थापित करने के लिए एक साझा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। महाप्रबंधक बीके जेना ने राष्ट्र निर्माण में कोयला उत्पादन के महत्व को रेखांकित करते हुए पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई, जिस पर एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने तत्परता दिखाते हुए एसईसीएल प्रबंधन को पूर्ण और चौबीस घंटे सहयोग का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने साफ लहजे में अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में मजबूत कानून व्यवस्था बनाए रखना और औद्योगिक संपदा की रक्षा करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कोयला उत्खनन, चोरी और अवैध परिवहन जैसी रीढ़ तोड़ने वाली गतिविधियों पर अब लगातार और चौतरफा प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होंगी और समूचे क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल और मजबूत होगा। दोनों शीर्ष अधिकारियों की इस जुगलबंदी और दृढ़ संकल्प की पूरे कोयला अंचल में जमकर सराहना हो रही है। इस महा-अभियान के तहत केवल बाहरी माफिया ही नहीं, बल्कि विभागों के भीतर छिपे सफेदपोशों और संदिग्धों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
इसी कड़ी में कोयलांचल और प्रशासनिक हलकों से जुड़े चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों में चल रही कतिपय संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन बेहद गंभीर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल से जुड़े कुछ संदिग्ध तत्वों और स्टाफ की भूमिका को लेकर भी आंतरिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले को बेहद गोपनीय रखा गया है और समाचार में उन संदिग्धों के नामों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है, ताकि भनक लगते ही ये संदेही सतर्क न हो सकें और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का कोई मौका न मिले।
प्रशासन और पुलिस की खुफिया शाखा एक सुनियोजित 'पोट ऑपरेशन' के तहत इस पूरे तालमेल की गहराई से जांच कर रही है। जैसे ही इस गोपनीय जांच की कड़ियां पूरी होंगी, वैसे ही दोषियों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कानूनी एक्शन होना तय माना जा रहा है।
अधिकारियों के इस बेहद सूझबूझ भरे और गोपनीय कदम की वजह से भ्रष्टाचारियों और सांठगांठ करने वालों के खेमे में भारी हड़कंप मचा हुआ है।