आप हमारे सोशल मीडिया पोस्ट हटा सकते हैं, हमें नहीं: दीपके
प्रकाशित: 07-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय संग"न की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सीजेपी की मांगों में परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना भी शामिल है।
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को इस ऑनलाइन संग"न के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शन में शामिल हुए। दीपके के प्रदर्शन में लोगों का भरपूर समर्थन नजर आया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है। सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे अन्य कामों में लगे हुए हैं जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट डिलीट करवाना। आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जल्द प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्होंने वांगचुक के समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। आज सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने आगमन का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि विमान के उतरने से "ाrक पहले, उन्हें ऐसा लगा जैसे वह आजादी का अपना अंतिम पल जी रहे हों। उन्होंने कहा, मैं इस उद्देश्य की खातिर अपनी आजादी का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है और खुद को बेच दिया है। भीड़ की जोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, लेकिन इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है। प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए जिनमें अधिकतर युवा हैं। इनमें से कई लोग कॉकरोच (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने नजर आए और उनके हाथों में फूल थे। स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।इसमें शामिल लोगों में ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा और युवा पेशेवर हैं।
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।सुबह दिल्ली पहुंचे दीपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया।कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे।
दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में जंतर-मंतर पर समर्थकों से मुलाकात को लेकर उत्सुकता व्यक्त की और उन्हें एक किताब और राष्ट्रीय ध्वज लाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लेने आने वाले लोगों से पुलिसकर्मियों को करुणा और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने का भी आग्रह किया तथा इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन प्रेम और शांति के साथ किया जाना चाहिए।
यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो युवाओं के नेतृत्व वाली एक ऑनलाइन मुहिम है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सहित विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रहा है।
प्रदर्शन के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सीमा प्रवेश बिंदुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है।
एहतियात के तौर पर नई दिल्ली और अन्य रणनीतिक स्थानों पर।,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
इस प्रदर्शन से पहले सीजेपी ने प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें उनसे अहिंसक आचरण बनाए रखने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का आग्रह किया गया था। दीपके की हालिया अपील में इन निर्देशों को दोहराया गया है और प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया है।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय संग"न की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सीजेपी की मांगों में परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना भी शामिल है।
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को इस ऑनलाइन संग"न के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शन में शामिल हुए। दीपके के प्रदर्शन में लोगों का भरपूर समर्थन नजर आया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है। सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे अन्य कामों में लगे हुए हैं जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट डिलीट करवाना। आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जल्द प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्होंने वांगचुक के समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। आज सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने आगमन का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि विमान के उतरने से "ाrक पहले, उन्हें ऐसा लगा जैसे वह आजादी का अपना अंतिम पल जी रहे हों। उन्होंने कहा, मैं इस उद्देश्य की खातिर अपनी आजादी का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है और खुद को बेच दिया है। भीड़ की जोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, लेकिन इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है। प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए जिनमें अधिकतर युवा हैं। इनमें से कई लोग कॉकरोच (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने नजर आए और उनके हाथों में फूल थे। स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।इसमें शामिल लोगों में ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा और युवा पेशेवर हैं।
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।सुबह दिल्ली पहुंचे दीपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया।कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे।
दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में जंतर-मंतर पर समर्थकों से मुलाकात को लेकर उत्सुकता व्यक्त की और उन्हें एक किताब और राष्ट्रीय ध्वज लाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लेने आने वाले लोगों से पुलिसकर्मियों को करुणा और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने का भी आग्रह किया तथा इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन प्रेम और शांति के साथ किया जाना चाहिए।
यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो युवाओं के नेतृत्व वाली एक ऑनलाइन मुहिम है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सहित विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रहा है।
प्रदर्शन के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सीमा प्रवेश बिंदुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है।
एहतियात के तौर पर नई दिल्ली और अन्य रणनीतिक स्थानों पर।,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
इस प्रदर्शन से पहले सीजेपी ने प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें उनसे अहिंसक आचरण बनाए रखने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का आग्रह किया गया था। दीपके की हालिया अपील में इन निर्देशों को दोहराया गया है और प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया है।