कश्मीर में कई जगह फटे बादल
प्रकाशित: 20-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
सुरेश एस डुग्गर
जम्मू। जम्मू कश्मीर में बादलों ने जबरदस्त कहर बरपाया है। कई जगह भारी बारिश और बादलों के फटने के कारण 16 से अधिक जानें चली गई हैं। दर्जनभर अभी लापता हैं।
पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 16 हो गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं, बचाव दल प्रतिकूल मौसम से जूझते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट में हुआ है, जहां एक ही परिवार के 8 सदस्यों समेत 9 लोगों की जान चली गई है। 2 साल के बच्चे का शव बरामद किया गया है। हवेली में एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लापता हैं। राजौरी में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुंछ के हवेली इलाके में खराब मौसम के कारण सात घर क्षतिग्रस्त हो गए। राजौरी में भी भारी बारिश के बाद धारहाल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में पानी भरने से 200 से 250 वाहन बह गए हैं। सुरनकोट और पुंछ जिले के अन्य हिस्सों में सबसे ज्यादा तबाही दर्ज की गई, जहां भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और मकान गिरने से भारी जानमाल का नुकसान हुआ। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा बचाव और राहत अभियान दिन भर जारी रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए निवासियों को निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के सुरनकोट के लोअर मुर्रा में भूस्खलन से एक घर दब गया, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। बचाव दल ने कुछ शव बरामद किए, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी है। अलग-अलग घटनाओं में, लगातार बारिश के कारण घर गिरने से कई लोगों की जान चली गई, जबकि एक नाबालिग लड़की उफनती नदी में डूब गई। पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़ग्रस्त नदियों और नालों से शव भी बरामद किए गए। राजौरी में रात भर हुई भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर आ गए, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। निचले इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया और सड़कों व सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया, जिससे दर्जनों वाहन बह गए या डूब गए। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर हालात की डिटेल जानकारी हासिल की। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जम्मू। जम्मू कश्मीर में बादलों ने जबरदस्त कहर बरपाया है। कई जगह भारी बारिश और बादलों के फटने के कारण 16 से अधिक जानें चली गई हैं। दर्जनभर अभी लापता हैं।
पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 16 हो गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं, बचाव दल प्रतिकूल मौसम से जूझते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट में हुआ है, जहां एक ही परिवार के 8 सदस्यों समेत 9 लोगों की जान चली गई है। 2 साल के बच्चे का शव बरामद किया गया है। हवेली में एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लापता हैं। राजौरी में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुंछ के हवेली इलाके में खराब मौसम के कारण सात घर क्षतिग्रस्त हो गए। राजौरी में भी भारी बारिश के बाद धारहाल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में पानी भरने से 200 से 250 वाहन बह गए हैं। सुरनकोट और पुंछ जिले के अन्य हिस्सों में सबसे ज्यादा तबाही दर्ज की गई, जहां भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और मकान गिरने से भारी जानमाल का नुकसान हुआ। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा बचाव और राहत अभियान दिन भर जारी रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए निवासियों को निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के सुरनकोट के लोअर मुर्रा में भूस्खलन से एक घर दब गया, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। बचाव दल ने कुछ शव बरामद किए, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी है। अलग-अलग घटनाओं में, लगातार बारिश के कारण घर गिरने से कई लोगों की जान चली गई, जबकि एक नाबालिग लड़की उफनती नदी में डूब गई। पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़ग्रस्त नदियों और नालों से शव भी बरामद किए गए। राजौरी में रात भर हुई भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर आ गए, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। निचले इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया और सड़कों व सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया, जिससे दर्जनों वाहन बह गए या डूब गए। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर हालात की डिटेल जानकारी हासिल की। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।