ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग: इस तरह करेंगे हनुमानजी की उपासना तो मिलेंगे अनेक शुभ फल
प्रकाशित: 25-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ज्येष्ठ माह में हनुमानजी और मंगलदेवजी की पूजा का खासा महत्व रहता है। इन मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। बुढ़वा मंगल के दिन केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह जीवन में ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को बढ़ाने वाले दिन भी है। इन दिनों बजरंगबली की भक्ति करना अत्यंत फलदायक माना गया है। 5 मई से शुरू हुए ज्येष्ठ मास में 8 बड़ा मंगल पड़ेंगे। यह महीना 23 जून को खत्म होगा। बड़ा मंगल के दिन विधि-विधान से हनुमान जी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ऐसा करने से जीवन के सारे संकटों का समाधान तुरंत ही हो जाता है।
आइए यहां जानते हैं प्रत्येक बड़े मंगल की विस्तृत महिमा...
1. प्रथम बड़ा मंगल (5 मई 2026)
यह ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार 5 मई को मनाया गया। इसी दिन से मंदिरों में विशेष सजावट और भंडारों की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इसी दिन हनुमान जी ने भीम के अहंकार को तोड़ने के लिए वृद्ध वानर का रूप लिया था। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
2. द्वितीय बड़ा मंगल (12 मई 2026)
12 मई 2026 को मनाया गया दूसरा बड़ा मंगल धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन एकादशी का भी प्रभाव रहास अत: यह दिन दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया। मान्यतानुसार इस दिन मंदिरों में चोला चढ़ाने और प्याऊ यानी ठंडे पानी की सेवा लगाने से घर की कलह दूर होती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
3. तृतीय बड़ा मंगल (19 मई 2026)
तृतीय बड़ा मंगल 19 मई को पड़ा था, तीसरे मंगल तक गर्मी अपने चरम पर होती है। इस दिन सत्तू, गुड़ और ठंडे शरबत के वितरण का विशेष महत्व बतलाया गया है। यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या विवाह में देरी हो रही है, तो इस दिन हनुमान जी को लाल फूल और सिंदूर अर्पित करना बहुत लाभकारी हेोता है।
4. चतुर्थ बड़ा मंगल (26 मई 2026)
26 मई 2026 को ज्येष्ठ मास का चौथा बड़ा मंगल होगा। इस दिन मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है। इस दिन हनुमान जी को बनारसी पान और बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। माना जाता है कि चतुर्थ बड़े मंगल पर की गई पूजा से पूरे महीने की भक्ति का फल मिल जाता है और आने वाले संकट टल जाते हैं।
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5. पांचवां बड़ा मंगल (2 जून 2026)
2 जून 2026 को अधि. ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया तिथि पर पांचवां बड़ा मंगल पड़ेगा, जो कि ज्येष्ठ के अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाला प्रथम मंगल होगा। अधिक मास में हनुमान जी की पूजा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की संयुक्त उपासना करें। अधिक मास होने के कारण 'पीले पुष्प' और 'तुलसी दल' अर्पित करना विशेष शुभ रहेगा।
6. छठा बड़ा मंगल (9 जून 2026)
9 जून 2026 को हिन्दू तिथिनुसार अधि. ज्येष्ठ कृष्ण नवमी पर छठा बड़ा मंगल मनाया जाएगा। नवमी तिथि शक्ति की उपासना की तिथि है। यह अधिक मास के मध्य का समय है, जिसे आत्म-शुद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन 'हनुमान बाहुक' का पाठ करना शारीरिक कष्टों और रोगों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। गरीबों को मौसमी फल (जैसे आम या तरबूज) का दान करें।
7. सातवां बड़ा मंगल (16 जून 2026)
शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल एकम-द्वितीया तिथि पर 16 जून 2026 को सातवां बड़ा मंगल पड़ेगा। यहां से 'शुद्ध' ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो रहा है। यह दिन नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है क्योंकि अधिक मास समाप्त होकर शुद्ध मास शुरू हो चुका होगा। इस अवसर पर नए कार्यों की सिद्धि के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। मंदिर के शिखर पर लाल ध्वजा (झंडा) चढ़ाना इस दिन अत्यंत मंगलकारी होता है।
8. आठवां बड़ा मंगल (23 जून 2026)
हिन्दू केलेंडर के तिथिनुसार शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल नवमी पर आठवां बड़ा मंगल पड़ेगा, जो कि 23 जून 2026 को मनाया जाएगा। यह इस श्रृंखला का अंतिम बड़ा मंगल होगा। बता दें कि शुक्ल पक्ष की नवमी को हनुमान जी के 'विजय स्वरूप' की पूजा की जाती है। अत: बड़ा मंगल के समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन या निर्धनों को भोजन कराना श्रेष्ठ है। इस दिन सुंदरकांड का पूर्ण पाठ करें और हनुमान जी को मीठा पान (बीड़ा) अर्पित करें ताकि आपके जीवन के सभी कार्य 'मीठास' के साथ संपन्न हों।
इन दिनों के लिए विशेष सावधानी और उपाय:
दान- भीषण गर्मी के कारण इन सभी मंगलवारों को 'जल सेवा' (प्याऊ) सबसे बड़ा पुण्य है।
मंत्र- ॐ हं हनुमते नमः का जाप कम से कम 108 बार करें।
वर्जित- इन दिनों नाखून काटना, बाल कटवाना या घर में कलह करना पूर्णतः वर्जित है।
आइए यहां जानते हैं प्रत्येक बड़े मंगल की विस्तृत महिमा...
1. प्रथम बड़ा मंगल (5 मई 2026)
यह ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार 5 मई को मनाया गया। इसी दिन से मंदिरों में विशेष सजावट और भंडारों की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इसी दिन हनुमान जी ने भीम के अहंकार को तोड़ने के लिए वृद्ध वानर का रूप लिया था। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
2. द्वितीय बड़ा मंगल (12 मई 2026)
12 मई 2026 को मनाया गया दूसरा बड़ा मंगल धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन एकादशी का भी प्रभाव रहास अत: यह दिन दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया। मान्यतानुसार इस दिन मंदिरों में चोला चढ़ाने और प्याऊ यानी ठंडे पानी की सेवा लगाने से घर की कलह दूर होती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
3. तृतीय बड़ा मंगल (19 मई 2026)
तृतीय बड़ा मंगल 19 मई को पड़ा था, तीसरे मंगल तक गर्मी अपने चरम पर होती है। इस दिन सत्तू, गुड़ और ठंडे शरबत के वितरण का विशेष महत्व बतलाया गया है। यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या विवाह में देरी हो रही है, तो इस दिन हनुमान जी को लाल फूल और सिंदूर अर्पित करना बहुत लाभकारी हेोता है।
4. चतुर्थ बड़ा मंगल (26 मई 2026)
26 मई 2026 को ज्येष्ठ मास का चौथा बड़ा मंगल होगा। इस दिन मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है। इस दिन हनुमान जी को बनारसी पान और बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। माना जाता है कि चतुर्थ बड़े मंगल पर की गई पूजा से पूरे महीने की भक्ति का फल मिल जाता है और आने वाले संकट टल जाते हैं।
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5. पांचवां बड़ा मंगल (2 जून 2026)
2 जून 2026 को अधि. ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया तिथि पर पांचवां बड़ा मंगल पड़ेगा, जो कि ज्येष्ठ के अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाला प्रथम मंगल होगा। अधिक मास में हनुमान जी की पूजा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की संयुक्त उपासना करें। अधिक मास होने के कारण 'पीले पुष्प' और 'तुलसी दल' अर्पित करना विशेष शुभ रहेगा।
6. छठा बड़ा मंगल (9 जून 2026)
9 जून 2026 को हिन्दू तिथिनुसार अधि. ज्येष्ठ कृष्ण नवमी पर छठा बड़ा मंगल मनाया जाएगा। नवमी तिथि शक्ति की उपासना की तिथि है। यह अधिक मास के मध्य का समय है, जिसे आत्म-शुद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन 'हनुमान बाहुक' का पाठ करना शारीरिक कष्टों और रोगों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। गरीबों को मौसमी फल (जैसे आम या तरबूज) का दान करें।
7. सातवां बड़ा मंगल (16 जून 2026)
शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल एकम-द्वितीया तिथि पर 16 जून 2026 को सातवां बड़ा मंगल पड़ेगा। यहां से 'शुद्ध' ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो रहा है। यह दिन नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है क्योंकि अधिक मास समाप्त होकर शुद्ध मास शुरू हो चुका होगा। इस अवसर पर नए कार्यों की सिद्धि के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। मंदिर के शिखर पर लाल ध्वजा (झंडा) चढ़ाना इस दिन अत्यंत मंगलकारी होता है।
8. आठवां बड़ा मंगल (23 जून 2026)
हिन्दू केलेंडर के तिथिनुसार शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल नवमी पर आठवां बड़ा मंगल पड़ेगा, जो कि 23 जून 2026 को मनाया जाएगा। यह इस श्रृंखला का अंतिम बड़ा मंगल होगा। बता दें कि शुक्ल पक्ष की नवमी को हनुमान जी के 'विजय स्वरूप' की पूजा की जाती है। अत: बड़ा मंगल के समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन या निर्धनों को भोजन कराना श्रेष्ठ है। इस दिन सुंदरकांड का पूर्ण पाठ करें और हनुमान जी को मीठा पान (बीड़ा) अर्पित करें ताकि आपके जीवन के सभी कार्य 'मीठास' के साथ संपन्न हों।
इन दिनों के लिए विशेष सावधानी और उपाय:
दान- भीषण गर्मी के कारण इन सभी मंगलवारों को 'जल सेवा' (प्याऊ) सबसे बड़ा पुण्य है।
मंत्र- ॐ हं हनुमते नमः का जाप कम से कम 108 बार करें।
वर्जित- इन दिनों नाखून काटना, बाल कटवाना या घर में कलह करना पूर्णतः वर्जित है।