एशियाई खेलों के अनोखे कंटेनर आवास के लिए साइ भारतीय खिलाड़ियों को कर रहा तैयार
प्रकाशित: 05-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पटियाला, (भाषा)। छह फीट से कुछ ही अधिक लंबे बिस्तर, पास-पास सिमटी दीवारें और जरूरत भर का सामान रखने की जगह। आमतौर पर ऐसी जगह किसी को असहज कर सकती है लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह महज एक छोटा-सा कमरा नहीं, बल्कि एशियाई खेलों से पहले की खास तैयारी है।
पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) में इन दिनों कुछ खिलाड़ी कंटेनर के भीतर रात गुजार रहे हैं। इसका मकसद उन्हें उस तरह के आवास का अभ्यस्त बनाना है, जिसका सामना उन्हें जापान में होने वाले एशियाई खेलों के दौरान करना होगा। इस बार 19 सितंबर से शुरू हो रहे आइची-नागोया एशियाई खेलों में पारंपरिक खेल गांव नहीं होगा। खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम कंटेनरों, ाtढज और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं में किया जा रहा है।
ऐसे में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने पटियाला और बेंगलुरु स्थित अपने केंद्रों में अस्थायी कंटेनर कमरे तैयार किए हैं, ताकि खिलाड़ी पहले ही इस अनोखी व्यवस्था का अनुभव ले सकें। साइ के उप महानिदेशक विनीत कुमार ने एनएसएनआईएस में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में कहा, दो वर्ष पहले जब यह तय हुआ कि एशियाई खेलों के दौरान खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था पारंपरिक खेल गांव की तर्ज पर नहीं, बल्कि कंटेनर, ाtढज आदि जैसे अनूठे विकल्पों में की जाएगी, तभी खेल मंत्री की सोच थी कि खिलाड़ियों को भी पहले से इसी तरह के माहौल का अभ्यस्त कराया जाना चाहिए। इसके लिए एक तरह के सिमुलेटर जैसी व्यवस्था तैयार करने की योजना बनाई गई थी। कुमार एनएसएनआईएस पटियाला के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा, इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को नए तरह के आवास में रहने पर घुटन या असहजता महसूस न हो। वे इस बात से हैरान न हों कि उन्हें किस तरह के आवास में ठहराया गया है।
पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) में इन दिनों कुछ खिलाड़ी कंटेनर के भीतर रात गुजार रहे हैं। इसका मकसद उन्हें उस तरह के आवास का अभ्यस्त बनाना है, जिसका सामना उन्हें जापान में होने वाले एशियाई खेलों के दौरान करना होगा। इस बार 19 सितंबर से शुरू हो रहे आइची-नागोया एशियाई खेलों में पारंपरिक खेल गांव नहीं होगा। खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम कंटेनरों, ाtढज और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं में किया जा रहा है।
ऐसे में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने पटियाला और बेंगलुरु स्थित अपने केंद्रों में अस्थायी कंटेनर कमरे तैयार किए हैं, ताकि खिलाड़ी पहले ही इस अनोखी व्यवस्था का अनुभव ले सकें। साइ के उप महानिदेशक विनीत कुमार ने एनएसएनआईएस में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में कहा, दो वर्ष पहले जब यह तय हुआ कि एशियाई खेलों के दौरान खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था पारंपरिक खेल गांव की तर्ज पर नहीं, बल्कि कंटेनर, ाtढज आदि जैसे अनूठे विकल्पों में की जाएगी, तभी खेल मंत्री की सोच थी कि खिलाड़ियों को भी पहले से इसी तरह के माहौल का अभ्यस्त कराया जाना चाहिए। इसके लिए एक तरह के सिमुलेटर जैसी व्यवस्था तैयार करने की योजना बनाई गई थी। कुमार एनएसएनआईएस पटियाला के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा, इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को नए तरह के आवास में रहने पर घुटन या असहजता महसूस न हो। वे इस बात से हैरान न हों कि उन्हें किस तरह के आवास में ठहराया गया है।