ग्लास्गो डायरी : राष्ट्रमंडल खेलों के लिए जुटने लगे खिलाड़ी , लेकिन माहौल में उत्साह नहीं
प्रकाशित: 22-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ग्लास्गो, (भाषा)। ग्लास्गो हवाई अड्डे पर उतरते ही बेल्ट पर अपने सामान का इंतजार कर रहे अपनी टीम के ट्रैकसूट में खिलाड़ी और उनकी अगवानी के लिये खड़े वालिंटियर को देखकर अहसास हो जाता है कि यहां राष्ट्रमंडल खेल होने वाले हैं लेकिन बाहर का नजारा कुछ और ही है।
हवाई अड्डे के बाहर के माहौल से यह अहसास ही नहीं होता कि दो दिन बाद यहां दुनिया के सबसे बड़े बहु खेल आयोजनों में से एक होने वाला है। कहीं कहीं पर खेलों के आधिकारिक शुभंकर फिन्नी द यूनिकॉर्न और स्कॉटलैंड के प्रमुख खिलाड़ियों के पोस्टर लगे हैं। द्रीन स्ट्रीट स्टेशन पर सेंट्रल स्टेशन पर लगी उलटी गिनती की घड़ी और खेलों की ब्रांडिंग में लिपटे टिकट बैरियर को देखकर लगता है कि खेल होने वाले हैं। लेकिन इसके अलावा ग्लास्गो में खेलों को लेकर उत्साह नजर नहीं आता। लागत के कारण आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के नाम वापिस लेने के बाद ग्लास्गो को मेजबानी सौंपी गई थी। यहां पर भी सिर्फ दस खेलों की ही स्पर्धायें होंगी जो चार स्टेडियमों पर सीमित रहेंगी।राष्ट्रमंडल खेलों में 1994 के बाद से यह सबसे कम स्पर्धाओं वाले खेल हैं। ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के छात्र नाथन मैकेंजी ने कहा, मुझे पता है कि राष्ट्रमंडल खेल हो रहे हैं क्योंकि वे यूनिवर्सिटी में वालिंटियर तलाशने आये थे। उन्होंने कहा, लेकिन इसके अलावा मुझे कुछ नहीं पता। अब शहर के अलग अलग "िकानों पर पोस्टर नजर आने लगे हैं। क्लाइड नदी के किनारे सुरक्षाकर्मी गश्त करते नजर आ रहे हैं और जगह जगह अवरोधक लगाये गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि इस सप्ताह जब खेल शुरू होंगे तो क्लाइड नदी की शांति की जगह दर्शकों से भरे स्टैंड का शोर ले लेगा।
टैक्सी ड्राइवर विंसेंट डोबिंस ने कहा , अब तक तो कोई माहौल नजर नहीं आ रहा। लेकिन खिलाड़ियों के आने के बाद से दिखेगा।
उनका बेटा मट्टी डोबिंस स्कॉटलैंड का पूर्व रोड रेस चैम्पियन है और राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करने जा रहा है।
अभी सारे खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों के लिये पहुंचे नहीं हैं। श्रीलंका टीम में नजरें स्टार भालाफेंक खिलाड़ी रूमेश थरंगा पर लगी होंगी जिसने रोम डायमंड लीग में पिछले महीने 92 . 62 मीटर का थ्रो फेंका। उनकी टक्कर यहां भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन पाकिस्तान के अरशद नदीम से होगी।
श्रीलंका टीम के मैनेजर मोहम्मद रिफात ने कहा , वह अच्छा खेल रहा है। उम्मीद है कि यहां स्वर्ण पदक जीतेगा।
हवाई अड्डे के बाहर के माहौल से यह अहसास ही नहीं होता कि दो दिन बाद यहां दुनिया के सबसे बड़े बहु खेल आयोजनों में से एक होने वाला है। कहीं कहीं पर खेलों के आधिकारिक शुभंकर फिन्नी द यूनिकॉर्न और स्कॉटलैंड के प्रमुख खिलाड़ियों के पोस्टर लगे हैं। द्रीन स्ट्रीट स्टेशन पर सेंट्रल स्टेशन पर लगी उलटी गिनती की घड़ी और खेलों की ब्रांडिंग में लिपटे टिकट बैरियर को देखकर लगता है कि खेल होने वाले हैं। लेकिन इसके अलावा ग्लास्गो में खेलों को लेकर उत्साह नजर नहीं आता। लागत के कारण आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के नाम वापिस लेने के बाद ग्लास्गो को मेजबानी सौंपी गई थी। यहां पर भी सिर्फ दस खेलों की ही स्पर्धायें होंगी जो चार स्टेडियमों पर सीमित रहेंगी।राष्ट्रमंडल खेलों में 1994 के बाद से यह सबसे कम स्पर्धाओं वाले खेल हैं। ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के छात्र नाथन मैकेंजी ने कहा, मुझे पता है कि राष्ट्रमंडल खेल हो रहे हैं क्योंकि वे यूनिवर्सिटी में वालिंटियर तलाशने आये थे। उन्होंने कहा, लेकिन इसके अलावा मुझे कुछ नहीं पता। अब शहर के अलग अलग "िकानों पर पोस्टर नजर आने लगे हैं। क्लाइड नदी के किनारे सुरक्षाकर्मी गश्त करते नजर आ रहे हैं और जगह जगह अवरोधक लगाये गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि इस सप्ताह जब खेल शुरू होंगे तो क्लाइड नदी की शांति की जगह दर्शकों से भरे स्टैंड का शोर ले लेगा।
टैक्सी ड्राइवर विंसेंट डोबिंस ने कहा , अब तक तो कोई माहौल नजर नहीं आ रहा। लेकिन खिलाड़ियों के आने के बाद से दिखेगा।
उनका बेटा मट्टी डोबिंस स्कॉटलैंड का पूर्व रोड रेस चैम्पियन है और राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करने जा रहा है।
अभी सारे खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों के लिये पहुंचे नहीं हैं। श्रीलंका टीम में नजरें स्टार भालाफेंक खिलाड़ी रूमेश थरंगा पर लगी होंगी जिसने रोम डायमंड लीग में पिछले महीने 92 . 62 मीटर का थ्रो फेंका। उनकी टक्कर यहां भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन पाकिस्तान के अरशद नदीम से होगी।
श्रीलंका टीम के मैनेजर मोहम्मद रिफात ने कहा , वह अच्छा खेल रहा है। उम्मीद है कि यहां स्वर्ण पदक जीतेगा।