आत्मरक्षा के गुर सीख किशोरियों में बढ़ा आत्मविश्वास
प्रकाशित: 20-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बांदा,(वीअ)। आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वनांगना संस्था द्वारा संचालित गुफ्तगू मंच के 15 दिवसीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षण शिविर का पावार को समापन हुआ। इस दौरान किशोरियों ने सीखे हुए कौशल का प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया, वहीं सांस्कृतिक और मुद्दा आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच तथा सामाजिक समझ को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. सबीहा रहमानी ने किशोरियों को प्रमाण पत्र बाटते हुए कहा कि आज की लड़कियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में सजगता, आत्मविश्वास और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता सफलता की मजबूत नींव होती है। मंजू सोनी ने भी किशोरियों को उपहार दिए।
कार्पाम का संचालन साफिया ने किया तथा ज़ोया ने अतिथियों का स्वागत किया। शोभा ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वनांगना लगातार किशोरियों और महिलाओं को शिक्षा, अधिकारों, नेतृत्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। फरजाना ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मरक्षा का ज्ञान लड़कियों में सुरक्षा की भावना के साथ निर्णय लेने का साहस भी विकसित करता है।
शबीना मुमताज़ ने गुफ्तगू मंच की सदस्यओं द्वारा तैयार चार हस्तलिखित पत्रिकाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से नियमित रूप से मंच की मासिक बैठकों में शामिल होने की अपील की और कहा कि यह स्थान सीखने, संवाद और नेतृत्व निर्माण के अवसर उपलब्ध कराता रहेगा।
प्रशिक्षक जान मोहम्मद ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में अलीज़ा, मनतशा, अन्नपूर्णा, शिफा और यास्मीन ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति देते हुए आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं खुर्शीद, रिया, ज़ोया, जीनत, हबीबा और माया ने गीत, नात, कविता एवं नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
अंत में फरहा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को किशोरियों के व्यक्तित्व विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्पाम में सहयोग करने वालों में पुष्पा शर्मा, श्यामकली, सुषमा,राधेश्याम, शिवशंकर आदि रहे।
डॉ. सबीहा रहमानी ने किशोरियों को प्रमाण पत्र बाटते हुए कहा कि आज की लड़कियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में सजगता, आत्मविश्वास और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता सफलता की मजबूत नींव होती है। मंजू सोनी ने भी किशोरियों को उपहार दिए।
कार्पाम का संचालन साफिया ने किया तथा ज़ोया ने अतिथियों का स्वागत किया। शोभा ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वनांगना लगातार किशोरियों और महिलाओं को शिक्षा, अधिकारों, नेतृत्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। फरजाना ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मरक्षा का ज्ञान लड़कियों में सुरक्षा की भावना के साथ निर्णय लेने का साहस भी विकसित करता है।
शबीना मुमताज़ ने गुफ्तगू मंच की सदस्यओं द्वारा तैयार चार हस्तलिखित पत्रिकाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से नियमित रूप से मंच की मासिक बैठकों में शामिल होने की अपील की और कहा कि यह स्थान सीखने, संवाद और नेतृत्व निर्माण के अवसर उपलब्ध कराता रहेगा।
प्रशिक्षक जान मोहम्मद ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में अलीज़ा, मनतशा, अन्नपूर्णा, शिफा और यास्मीन ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति देते हुए आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं खुर्शीद, रिया, ज़ोया, जीनत, हबीबा और माया ने गीत, नात, कविता एवं नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
अंत में फरहा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को किशोरियों के व्यक्तित्व विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्पाम में सहयोग करने वालों में पुष्पा शर्मा, श्यामकली, सुषमा,राधेश्याम, शिवशंकर आदि रहे।