साल में दो बार लिया जाएगा फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट
प्रकाशित: 20-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
देहरादून,(वीअ)। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की प्रगति पर अब पहले से अधिक बारीकी से नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत खिलाड़ियों का फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट वर्ष में दो बार लिया जाएगा, जबकि प्रत्येक शनिवार को खेलो पोर्टल के माध्यम से दो घंटे की वर्चुअल ट्रेनिंग भी आयोजित होगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इन कदमों से खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर आकलन होने के साथ उनके प्रदर्शन में भी निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। योजना के नियमों और चयन प्रािढया में सुधार के लिए कुछ संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो वर्तमान में शासन स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधनों पर अंतिम निर्णय होने तक चयन एवं अन्य सभी प्रािढयाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य फोकस खिलाड़ियों की वास्तविक प्रगति की निगरानी करना है। इसी उद्देश्य से अब प्रदेश के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट स्कोर वर्ष में दो बार अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा, जिससे उनकी शारीरिक दक्षता और खेल क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके। रेखा आर्या ने कहा कि जमीनी स्तर पर बेहतर खेल वातावरण तैयार करने के लिए सभी जिलों के जिला ाढाrड़ा अधिकारियों को विभिन्न खेल प्रशिक्षकों तथा शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के साथ सािढय समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।