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मॉक ड्रिल से परखी जाएंगी मानसून की तैयारियां

प्रकाशित: 20-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
देहरादून,(वीअ)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के ाढम में 02 जुलाई को राज्य के सभी 13 जनपदों में मानसून में घटित होने वाली आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। पावार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर ओरिएंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी जनपदों को मॉक ड्रिल के सफल संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों मानसून पूर्व विभागीय तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मानसून की तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा विभिन्न विभागों के मध्य आपसी समन्वय तथा सामंजस्य को मजबूत करने के लिए मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि यह मॉक राज्य के सभी 13 जनपदों में करीब 70 स्थानों पर आयोजित की जाएगी। जिन स्थानों में पहले मॉक ड्रिल की जा चुकी है, उन स्थानों पर यह नहीं की जाएगी। इस बार सभी स्थान नए होंगे। उन्होंने बताया कि 30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज तथा 30 जून को मॉक ड्रिल का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का आयोजन आईआरएस यानी घटना प्रतिािढया प्रणाली के अंतर्गत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेबल टॉप एक्सरसाइज के दिन सभी जनपद अपनी तैयारियों के साथ ही संसाधनों की उपलब्धता, उनकी तैनाती, मॉक ड्रिल के लिए योजना के बारे में बताएंगे।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने एटीआई नैनीताल से आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारियों का डाटा बेस बनाने तथा उन्हें प्रथम प्रतिािढयादाता के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ािढयान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से टेबल टॉप अभ्यास तथा मॉक अभ्यास को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों की आपदा प्रतिािढया क्षमता का परीक्षण किया जाएगा तथा राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित करने का अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, आरटीओ देहरादून डॉ. अनीता चमोला, अरुण कुमार पाण्डे, शांतनु सरकार आदि मौजूद थे।
राहत शिविरों की व्यवस्थाओं को परखा जाएगा
मॉक अभ्यास के दौरान राहत शिविरों की स्थापना का अभ्यास भी किया जाएगा। वहां बिजली, पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, शिशु आहार के साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए रियल टाइम में उन्हें परखा जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस तथा होमगार्ड के जवानों की तैनाती भी राहत शिविरों में की जाएगी। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मॉक ड्रिल में सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया जाएगा।