चित्रकूट में टला बड़ा बाढ़ संकट, योगी सरकार के त्वरित राहत-बचाव से नहीं हुई जनहानि
प्रकाशित: 02-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चित्रकूट,(वीअ)। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से पैदा हुए बाढ़ संकट के बीच प्रशासन और राहत-बचाव टीमों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत कार्यों के चलते बाढ़ का पानी उतरने के बाद करीब 24 घंटे में जनजीवन सामान्य होने लगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अन्य संसाधनों की मदद से जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रामघाट से 234, अमानपुर से 87, गोबरिया से 84, तरीहा से 82, पंडरी एवं मालिकाना से 77 और पासी तिराहा से 55 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा राजापुर के अरछा बरेठी गांव से 50 लोगों को शेल्टर होम पहुंचाया गया।
हजारों पैकेट भोजन और राहत सामग्री की व्यवस्था :बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से लगातार भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट, 30 अगस्त को 5,200 पैकेट और 31 अगस्त को भी 5,200 लंच पैकेट वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए 4,000 विशेष बाढ़ राहत किट भी मंगाई गई हैं।
22 घंटे में हाईवे पर फिर शुरू हुआ आवागमन:बाढ़ का पानी कम होते ही प्रशासन ने तेजी से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे को महज 22 घंटे में दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू करा दिया गया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा, अमानपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी के अनुसार प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है और शहर की पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
हजारों पैकेट भोजन और राहत सामग्री की व्यवस्था :बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से लगातार भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट, 30 अगस्त को 5,200 पैकेट और 31 अगस्त को भी 5,200 लंच पैकेट वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए 4,000 विशेष बाढ़ राहत किट भी मंगाई गई हैं।
22 घंटे में हाईवे पर फिर शुरू हुआ आवागमन:बाढ़ का पानी कम होते ही प्रशासन ने तेजी से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे को महज 22 घंटे में दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू करा दिया गया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा, अमानपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी के अनुसार प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है और शहर की पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।