जीत हासिल कर युद्ध में शामिल होने वाले लोगों की हमें जरूरत नहीं', ट्रंप ने ब्रिटिश PM स्टार्मर पर साधा निशाना
प्रकाशित: 08-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अमेरिका-इजरायल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कड़ी आलोचना की है. दरअससल, ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका-इजरायली हमलों में ब्रिटेन के समर्थन की कमी को लेकर पीएम स्टार्मर पर निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि यूरोपीय देश अब पश्चिम एशिया में विमानवाहक पोत भेजने पर विचार कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों.
ब्रिटेन को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, "ब्रिटेन, जो कभी हमारा महान सहयोगी था, शायद सबसे महान, आखिरकार मध्य पूर्व में दो विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. ठीक है, प्रधानमंत्री स्टार्मर, हमें अब उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे. हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों!"
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप को लेकर कही थी ये बात
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ये बयान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के उस बयान के बाद आया है. जिसमें उन्होंने ब्रिटेन की विशेष मित्रता का उदारहण दिया था. उन्होंने बीते बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाओं का जवाब देते हुए ये बात कही थी. स्टार्मर ने कहा था कि ट्रंप के शब्दों पर अटके रहना इस संबंध की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता.
ब्रिटेन की संसद को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा, "अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. ब्रिटिश जेट हमारे संयुक्त ठिकानों से मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. अपने लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन खुफिया जानकारी साझा करना. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. राष्ट्रपति ट्रंप के नए शब्दों पर अटके रहना इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता."
ईरान पर हमले में शामिल न होने पर दी थी सफाई
इसके साथ ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान पर हमले में शामिल न होने के अपने फैसले को और भी उचित ठहराते हुए कहा था कि उन्हें कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं दिखा और उनका रुख अभी भी वही है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने 7 मार्च के ऑपरेशन अपडेट साझा किए. जिसमें बताया गया कि अमेरिका ने विशिष्ट रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है, "ताकि ईरान को क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोका जा सके, जिससे ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरा है".
ट्रंप पहले भी जता चुके हैं नाराजगी
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर ब्रिटेन के रुख को "बेहद असहयोगी" बताया था. ट्रंप ने कीर स्टारमर की "संबंधों को बिगाड़ने" के लिए आलोचना की और कहा कि वह "विंस्टन चर्चिल" नहीं हैं. ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि तेहरान पर हमलों की तैयारी के दौरान लंदन से मिले असहयोग से वह "खुश नहीं" थे. ट्रंप का यह ताजा बयान पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लताया हो रहे ईरानी हमलों के बीच आया है.
IDF ने ईरानी सेना के ईंधन भंडारण परिसरों पर किया हमला
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने रविवार को बताया कि तेहरान में इजरायली वायु सेना ने ईरानी सेना (IRGC) के कई ईंधन भंडारण परिसरों पर हमला किया. इससे पहले, आईडीएफ ने बताया था कि उसने परचिन और शाहरूद में दो मुख्य बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन स्थलों पर हमला किया है. आईडीएफ के अनुसार, जिन लक्ष्यों पर हमला किया गया उनमें बैलिस्टिक मिसाइल वॉरहेड के लिए विस्फोटक सामग्री बनाने वाले कारखाने, मिसाइल इंजनों के लिए विशिष्ट कच्चे माल का उत्पादन करने वाले परिसर, एक मिसाइल इंजन मिश्रण और ढलाई सुविधा और उन्नत क्रूज मिसाइलों के अनुसंधान, विकास, संयोजन और उत्पादन के लिए उपयोग किया जाने वाला एक परिसर भी शामिल था.
ब्रिटेन को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, "ब्रिटेन, जो कभी हमारा महान सहयोगी था, शायद सबसे महान, आखिरकार मध्य पूर्व में दो विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. ठीक है, प्रधानमंत्री स्टार्मर, हमें अब उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे. हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों!"
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप को लेकर कही थी ये बात
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ये बयान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के उस बयान के बाद आया है. जिसमें उन्होंने ब्रिटेन की विशेष मित्रता का उदारहण दिया था. उन्होंने बीते बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाओं का जवाब देते हुए ये बात कही थी. स्टार्मर ने कहा था कि ट्रंप के शब्दों पर अटके रहना इस संबंध की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता.
ब्रिटेन की संसद को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा, "अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. ब्रिटिश जेट हमारे संयुक्त ठिकानों से मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. अपने लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन खुफिया जानकारी साझा करना. यही इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति है. राष्ट्रपति ट्रंप के नए शब्दों पर अटके रहना इस विशेष संबंध की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता."
ईरान पर हमले में शामिल न होने पर दी थी सफाई
इसके साथ ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान पर हमले में शामिल न होने के अपने फैसले को और भी उचित ठहराते हुए कहा था कि उन्हें कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं दिखा और उनका रुख अभी भी वही है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने 7 मार्च के ऑपरेशन अपडेट साझा किए. जिसमें बताया गया कि अमेरिका ने विशिष्ट रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है, "ताकि ईरान को क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोका जा सके, जिससे ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरा है".
ट्रंप पहले भी जता चुके हैं नाराजगी
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर ब्रिटेन के रुख को "बेहद असहयोगी" बताया था. ट्रंप ने कीर स्टारमर की "संबंधों को बिगाड़ने" के लिए आलोचना की और कहा कि वह "विंस्टन चर्चिल" नहीं हैं. ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि तेहरान पर हमलों की तैयारी के दौरान लंदन से मिले असहयोग से वह "खुश नहीं" थे. ट्रंप का यह ताजा बयान पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लताया हो रहे ईरानी हमलों के बीच आया है.
IDF ने ईरानी सेना के ईंधन भंडारण परिसरों पर किया हमला
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने रविवार को बताया कि तेहरान में इजरायली वायु सेना ने ईरानी सेना (IRGC) के कई ईंधन भंडारण परिसरों पर हमला किया. इससे पहले, आईडीएफ ने बताया था कि उसने परचिन और शाहरूद में दो मुख्य बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन स्थलों पर हमला किया है. आईडीएफ के अनुसार, जिन लक्ष्यों पर हमला किया गया उनमें बैलिस्टिक मिसाइल वॉरहेड के लिए विस्फोटक सामग्री बनाने वाले कारखाने, मिसाइल इंजनों के लिए विशिष्ट कच्चे माल का उत्पादन करने वाले परिसर, एक मिसाइल इंजन मिश्रण और ढलाई सुविधा और उन्नत क्रूज मिसाइलों के अनुसंधान, विकास, संयोजन और उत्पादन के लिए उपयोग किया जाने वाला एक परिसर भी शामिल था.