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भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से मुलाकात की

प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ढाका, (भाषा)। पिछले हफ्ते नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के डिजिटल तरीके से मीडिया से बातचीत करने को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में फिर से उत्पन्न तनाव के बीच बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की।
नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली तथा इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और एवं साझेदारी की मजबूती में मदद मिलने की उम्मीद है।
तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सोमवार की इस मुलाकात के बीच दोनों पक्षों ने क्या बातचीत की।
ढाका में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर पदभार संभालने के छह हफ्ते से भी अधिक समय बाद त्रिवेदी की यह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात है। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्" नेता हैं तथा उच्चायुक्त के तौर पर उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त है। वह यह राजनयिक पद संभालने वाले पहले नेता हैं।
यह बै"क ऐसे कयासों के बीच हुई कि रहमान, जिन्हें भारत ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, 12-13 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते हैं।
नई दिल्ली में हसीना के प्रेस को डिजिटल तरीके से संबोधित करने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव आ गया है। हसीना ने कहा है कि जेल या मौत की सज़ा के ख़तरे के बावजूद उनका दिसंबर में देश लौटने और लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाने का पक्का इरादा है।
बांग्लादेश ने मीडिया के साथ हुई इस बातचीत पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस घटना से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध बेहतर बनाने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने हसीना को फरार और नरसंहार की अभियुक्त बताया।
हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने सात अगस्त को कहा था कि हसीना से जुड़े उस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।
रविवार को त्रिवेदी ने कहा कि रहमान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बै"क से द्विपक्षीय संबंधों की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
रविवार को त्रिवेदी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलु-र-रहमान से भी मुलाकात की। लेकिन किसी भी पक्ष ने बातचीत के मुद्दों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटा दिया गया जिसके बाद वह भारत भाग गईं। नवंबर 2025 में, बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्वाई के दौरान कथित मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मौत की सज़ा सुनाई।
तब से ढाका भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।