वित्त मंत्री सीतारमण ने आईएमएफ प्रमुख जॉर्जीवा से मुलाकात की
प्रकाशित: 03-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वॉशिंगटन, (भाषा)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक ािढस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य तथा भारत के बदलते वृद्धि परिवेश पर चर्चा की।
सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर जॉर्जीवा से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, '' बैठक में भारत में जारी संरचनात्मक बदलावों एवं व्यापक आर्थिक आकलन तथा वृद्धि के अनुमानों में इन बदलावों को उचित रूप से शामिल करने के महत्व पर भी चर्चा हुई।'' मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की बदलती विकास यात्रा पर चर्चा की। जॉर्जीवा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ विचार साझा किए। भारत के शानदार वृद्धि प्रदर्शन, वैश्विक परिदृश्य और साथ मिलकर काम करने के हमारे साझा संकल्प पर विचार किया।'' वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन की सराहना की तथा कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती हासिल की है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने रूसी समकक्ष सिलुआनोव से मुलाकात कीः
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रूसी समकक्ष एंटोन सिलुआनोव से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने तथा शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना पर चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने यहां से करीब 760 किलोमीटर दूर एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर सोमवार को मुलाकात की।
वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, ''दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने, क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक घटपाम तथा बहुपक्षीय क्षेत्र में साझा हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' सीतारमण और सिलुआनोव ने 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' तथा 'एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक' में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने दोनों संस्थानों को प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंकों के रूप में मजबूत करने के लिए साझा हित वाले क्षेत्रों की संभावनाएं भी तलाशीं। बयान में कहा गया, ''उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना पर भी चर्चा की।'' जी20 में सिलुआनोव की मौजूदगी अमेरिका में इस बहुपक्षीय मंच की बैठक में किसी रूसी नेता की पहली व्यक्तिगत भागीदारी थी। इससे पहले सिलुआनोव ने अप्रैल 2022 में जी20 की बैठक में ऑनलाइन हिस्सा लिया था, जिसके विरोध में कई पश्चिमी देशों के वित्त मंत्रियों ने बैठक से बाहर निकलकर प्रदर्शन किया था।
सीतारमण ने यूरोपीय आर्थिक आयुक्त, दक्षिण कोरिया के मंत्री से मुलाकात कीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूरोपीय आर्थिक आयुक्त वाल्दिस डोम्ब्रोव्स्किस से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर डोम्ब्रोव्स्किस से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ''दोनों पक्षों ने भारत-ईयू व्यापक आर्थिक संवाद और व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के माध्यम से भारत-ईयू आर्थिक तथा वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।'' सीतारमण और डोम्ब्रोव्स्किस ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और निवेश संरक्षण समझौते को लेकर जारी वार्ता पर भी चर्चा की तथा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग सहित मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं तैयार करने पर विचार साझा किए। सीतारमण ने कहा कि केवल महत्वपूर्ण खनिजों की खरीद पर ही ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि उनके प्रसंस्करण और देश में उत्पादन बढ़ाने की क्षमता भी विकसित की जानी चाहिए। दोनों नेताओं ने वित्तीय प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और 'जनरेटिव एआई' के क्षेत्र में अधिक सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया। इसमें भारतीय और यूरोपीय स्टार्टअप के बीच अधिक संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-ईयू साझेदारी को और मजबूत करने तथा साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। सीतारमण ने सोमवार को एशविल में दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री कू यून-चियोल से भी मुलाकात की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया को एक बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के संबंधों से कई क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ हुआ है। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें भारत-कोरिया वित्त मंत्रियों की बैठक को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही कार्यस्तर पर बातचीत शुरू करना भी शामिल है।
सीतारमण ने विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा से मुलाकात कीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की और भारत तथा इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर बंगा से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया, ''केंद्रीय वित्त मंत्री ने भारत के साथ विश्व बैंक समूह के लगातार जुड़ाव की सराहना की और 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण (डीपीएफ) को तेजी से मंजूरी दिए जाने का उल्लेख किया।''
बयान में कहा गया कि सीतारमण ने सिडबी के जरिये सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के समर्थन की भी सराहना की। इसे रिकॉर्ड समय में मंजूरी दी गई थी और इसका एमएसएमई क्षेत्र पर सकारात्मक असर पड़ा है। वित्त मंत्रालय ने कहा, ''दोनों नेताओं ने भारत तथा विश्व बैंक समूह के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें भारत में बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (एमआईजीए) की बड़ी भूमिका तलाशना भी शामिल है, ताकि गारंटी के व्यवस्थित इस्तेमाल और निजी पूंजी को अधिक जुटाने के जरिये कॉरपोरेट, बुनियादी ढांचा और स्थानीय बॉन्ड बाजारों को गहरा किया जा सके।''
सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर जॉर्जीवा से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, '' बैठक में भारत में जारी संरचनात्मक बदलावों एवं व्यापक आर्थिक आकलन तथा वृद्धि के अनुमानों में इन बदलावों को उचित रूप से शामिल करने के महत्व पर भी चर्चा हुई।'' मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की बदलती विकास यात्रा पर चर्चा की। जॉर्जीवा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ विचार साझा किए। भारत के शानदार वृद्धि प्रदर्शन, वैश्विक परिदृश्य और साथ मिलकर काम करने के हमारे साझा संकल्प पर विचार किया।'' वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन की सराहना की तथा कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती हासिल की है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने रूसी समकक्ष सिलुआनोव से मुलाकात कीः
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रूसी समकक्ष एंटोन सिलुआनोव से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने तथा शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना पर चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने यहां से करीब 760 किलोमीटर दूर एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर सोमवार को मुलाकात की।
वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, ''दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने, क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक घटपाम तथा बहुपक्षीय क्षेत्र में साझा हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' सीतारमण और सिलुआनोव ने 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' तथा 'एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक' में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने दोनों संस्थानों को प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंकों के रूप में मजबूत करने के लिए साझा हित वाले क्षेत्रों की संभावनाएं भी तलाशीं। बयान में कहा गया, ''उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना पर भी चर्चा की।'' जी20 में सिलुआनोव की मौजूदगी अमेरिका में इस बहुपक्षीय मंच की बैठक में किसी रूसी नेता की पहली व्यक्तिगत भागीदारी थी। इससे पहले सिलुआनोव ने अप्रैल 2022 में जी20 की बैठक में ऑनलाइन हिस्सा लिया था, जिसके विरोध में कई पश्चिमी देशों के वित्त मंत्रियों ने बैठक से बाहर निकलकर प्रदर्शन किया था।
सीतारमण ने यूरोपीय आर्थिक आयुक्त, दक्षिण कोरिया के मंत्री से मुलाकात कीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूरोपीय आर्थिक आयुक्त वाल्दिस डोम्ब्रोव्स्किस से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर डोम्ब्रोव्स्किस से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ''दोनों पक्षों ने भारत-ईयू व्यापक आर्थिक संवाद और व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के माध्यम से भारत-ईयू आर्थिक तथा वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।'' सीतारमण और डोम्ब्रोव्स्किस ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और निवेश संरक्षण समझौते को लेकर जारी वार्ता पर भी चर्चा की तथा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग सहित मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं तैयार करने पर विचार साझा किए। सीतारमण ने कहा कि केवल महत्वपूर्ण खनिजों की खरीद पर ही ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि उनके प्रसंस्करण और देश में उत्पादन बढ़ाने की क्षमता भी विकसित की जानी चाहिए। दोनों नेताओं ने वित्तीय प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और 'जनरेटिव एआई' के क्षेत्र में अधिक सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया। इसमें भारतीय और यूरोपीय स्टार्टअप के बीच अधिक संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-ईयू साझेदारी को और मजबूत करने तथा साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। सीतारमण ने सोमवार को एशविल में दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री कू यून-चियोल से भी मुलाकात की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया को एक बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के संबंधों से कई क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ हुआ है। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें भारत-कोरिया वित्त मंत्रियों की बैठक को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही कार्यस्तर पर बातचीत शुरू करना भी शामिल है।
सीतारमण ने विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा से मुलाकात कीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की और भारत तथा इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर बंगा से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया, ''केंद्रीय वित्त मंत्री ने भारत के साथ विश्व बैंक समूह के लगातार जुड़ाव की सराहना की और 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण (डीपीएफ) को तेजी से मंजूरी दिए जाने का उल्लेख किया।''
बयान में कहा गया कि सीतारमण ने सिडबी के जरिये सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के समर्थन की भी सराहना की। इसे रिकॉर्ड समय में मंजूरी दी गई थी और इसका एमएसएमई क्षेत्र पर सकारात्मक असर पड़ा है। वित्त मंत्रालय ने कहा, ''दोनों नेताओं ने भारत तथा विश्व बैंक समूह के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें भारत में बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (एमआईजीए) की बड़ी भूमिका तलाशना भी शामिल है, ताकि गारंटी के व्यवस्थित इस्तेमाल और निजी पूंजी को अधिक जुटाने के जरिये कॉरपोरेट, बुनियादी ढांचा और स्थानीय बॉन्ड बाजारों को गहरा किया जा सके।''