मुंगेली का 5.06 करोड़ का गौरव पथ विवादों में, समय-सीमा खत्म होने के बाद भी अधूरा निर्माण
प्रकाशित: 19-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंगेली,(छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। नगर पालिका परिषद मुंगेली की लगभग 5.06 करोड़ रुपये की गौरव पथ उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण परियोजना अब निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बरसात के बीच उखड़ी सड़क, खुले निर्माण स्थल, जलभराव, कीचड़ और यातायात बाधित होने से शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले में वार्ड पार्षद विजयलक्ष्मी अवधेश शुक्ला की शिकायत के बाद नगर पालिका प्रशासन ने संबंधित निर्माण एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) होरी सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार भुगतान में कटौती सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं।
शहर के प्रमुख मार्ग पर बनने वाले गौरव पथ को सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर, पुटपाथ, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, स्कल्पचर और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाना था। लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी परियोजना अधूरी है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है, खुदाई खुली पड़ी है और जलभराव से यातायात प्रभावित हो रहा है। वार्ड पार्षद विजयलक्ष्मी अवधेश शुक्ला ने सीएमओ को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं किया गया, निर्माण की गति लगातार धीमी रही और नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। आयुष शुक्ला ने उठाए सवालपार्षद प्रतिनिधि आयुष शुक्ला ने कहा कि गौरव पथ निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उनके अनुसार कई बार ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन केवल सुपरवाइजर से ही बात हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद भी निर्माण कार्य में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई। उन्होंने टेंडर निरस्त करने, भुगतान रोकने और संबंधित एजेंसी पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवालपरियोजना को लेकर अब केवल निर्माण एजेंसी ही नहीं, बल्कि नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कार्य लगातार निर्धारित समय से पीछे चल रहा था तो समय रहते समीक्षा और कार्रवाई क्यों नहीं की गई तथा बारिश से पहले सड़क को सुरक्षित बनाने के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। हालांकि इन पहलुओं पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।कांग्रेस ने गुणवत्ता जांच की मांग की
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि लगभग पांच करोड़ रुपये की परियोजना शुरू से ही विवादों में रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण में लापरवाही के कारण आम नागरिक धूल, कीचड़ और जाम जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्र तकनीकी गुणवत्ता जांच कराने तथा अनियमितता मिलने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पार्षद सूरज यादव ने भी जताई नाराजगी
वार्ड पार्षद सूरज यादव ने कहा कि गौरव पथ का निर्माण लगभग ठप पड़ा है। बारिश के कारण नालियों का पानी दुकानों तक पहुंच रहा है, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने भी ठेकेदार के खिलाप कड़ी कार्रवाई और निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की।
ठेकेदार ने आरोपों से किया इनकार
निर्माण एजेंसी के ठेकेदार अशोक तिवारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना में केवल डामरीकरण (बीटी लेयर) का कार्य शेष है। उनके अनुसार लाइटिंग, पुटपाथ, स्कल्पचर सहित अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने देरी के लिए प्रदेश में डामर की कमी और निर्माण सामग्री की बढ़ी कीमतों को जिम्मेदार बताया। उनका दावा है कि डामर उपलब्ध होते ही 15 से 20 दिनों में डामरीकरण पूरा कर दिसंबर तक परियोजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
अब आगे की कार्रवाई पर नजर
नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सभी की नजरें ठेकेदार के जवाब और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भुगतान में कटौती होती है, क्या गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाती है और अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी के खिलाप कड़ी कार्रवाई की जाती है। पिलहाल गौरव पथ परियोजना शहर में विकास से ज्यादा जवाबदेही, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) होरी सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार भुगतान में कटौती सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं।
शहर के प्रमुख मार्ग पर बनने वाले गौरव पथ को सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर, पुटपाथ, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, स्कल्पचर और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाना था। लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी परियोजना अधूरी है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है, खुदाई खुली पड़ी है और जलभराव से यातायात प्रभावित हो रहा है। वार्ड पार्षद विजयलक्ष्मी अवधेश शुक्ला ने सीएमओ को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं किया गया, निर्माण की गति लगातार धीमी रही और नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। आयुष शुक्ला ने उठाए सवालपार्षद प्रतिनिधि आयुष शुक्ला ने कहा कि गौरव पथ निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उनके अनुसार कई बार ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन केवल सुपरवाइजर से ही बात हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद भी निर्माण कार्य में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई। उन्होंने टेंडर निरस्त करने, भुगतान रोकने और संबंधित एजेंसी पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवालपरियोजना को लेकर अब केवल निर्माण एजेंसी ही नहीं, बल्कि नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कार्य लगातार निर्धारित समय से पीछे चल रहा था तो समय रहते समीक्षा और कार्रवाई क्यों नहीं की गई तथा बारिश से पहले सड़क को सुरक्षित बनाने के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। हालांकि इन पहलुओं पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।कांग्रेस ने गुणवत्ता जांच की मांग की
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि लगभग पांच करोड़ रुपये की परियोजना शुरू से ही विवादों में रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण में लापरवाही के कारण आम नागरिक धूल, कीचड़ और जाम जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्र तकनीकी गुणवत्ता जांच कराने तथा अनियमितता मिलने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पार्षद सूरज यादव ने भी जताई नाराजगी
वार्ड पार्षद सूरज यादव ने कहा कि गौरव पथ का निर्माण लगभग ठप पड़ा है। बारिश के कारण नालियों का पानी दुकानों तक पहुंच रहा है, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने भी ठेकेदार के खिलाप कड़ी कार्रवाई और निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की।
ठेकेदार ने आरोपों से किया इनकार
निर्माण एजेंसी के ठेकेदार अशोक तिवारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना में केवल डामरीकरण (बीटी लेयर) का कार्य शेष है। उनके अनुसार लाइटिंग, पुटपाथ, स्कल्पचर सहित अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने देरी के लिए प्रदेश में डामर की कमी और निर्माण सामग्री की बढ़ी कीमतों को जिम्मेदार बताया। उनका दावा है कि डामर उपलब्ध होते ही 15 से 20 दिनों में डामरीकरण पूरा कर दिसंबर तक परियोजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
अब आगे की कार्रवाई पर नजर
नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सभी की नजरें ठेकेदार के जवाब और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भुगतान में कटौती होती है, क्या गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाती है और अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी के खिलाप कड़ी कार्रवाई की जाती है। पिलहाल गौरव पथ परियोजना शहर में विकास से ज्यादा जवाबदेही, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।