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वीरेश शांडिल्य को पाकिस्तान की गंभीर धमकियों के बाद खुफिया एजेंसियां गंभीर क्यों नहीं?

प्रकाशित: 19-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अंबाला, (पवन आश्री)। हिन्दू नेता व 2002 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली से जम्मू कश्मीर तक आतंकवाद विरोधी रथयात्रा निकालने वाले एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया व विश्व हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य व उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर खुफिया व हरियाणा पुलिस गंभीर क्यों नहीं है?
वीरेश शांडिल्य को लगातार कई वर्षों से पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित खालिस्तानियों कट्टरपंथियों व आतंकवादी भिंडरावाला समर्थकों की धमकियां मिलती हैं हरियाणा व पंजाब पुलिस में दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं जिससे यह साबित होता है कि वीरेश शांडिल्य पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित खालिस्तान के निशाने पर हैं और आज अगर उत्तर भारत में नजर दौड़ाएं जितना देशद्रोही ताकतों के खिलाफ सड़कों से लेकर कानूनी लड़ाई हिन्दू नेता वीरेश शांडिल्य बेखौफ लड़ रहे हैं लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि वीरेश शांडिल्य को हरियाणा पुलिस द्वारा 4 सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाए हुए हैं लेकिन पड़ोसी राज्य पंजाब, चंडीगढ़ हिमाचल दिल्ली व अन्य राज्यों में वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को लेकर खुफिया विभाग ने कोई सुरक्षा के जरूरी आदेश या गाइड लाइन जारी नहीं की हुई है। क्या केंद्र व हरियाणा सरकार इस बात कर इंतजार कर रही है कि कब वीरेश शांडिल्य देशद्रोही ताकतों का निवाला बने। वीरेश शांडिल्य को कई बार हरियाणा सरकार ने स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने व देश की अमन व शांति के लिए जन आंदोलन तैयार करने पर सम्मानित भी किया है। वीरेश शांडिल्य को मिल रही आतंकी धमकियों को लेकर अंबाला शहर थाना व बलदेव नगर थाना में मुकदमें दर्ज हैं यही नहीं कई अधिकारी अपनी रिपोर्ट में यह कह चुके हैं कि वीरेश शांडिल्य को जान का खतरा है यही नहीं गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार को पत्र जारी किया हुआ है कि वीरेश शांडिल्य को खतरा है लेकिन आज सुरक्षा सरकारों द्वारा स्टेटस के लिए बना दी गई हैं। खास बात यह है कि आज हरियाणा पंजाब चंडीगढ़ दिल्ली में वीरेश शांडिल्य एक ऐसे हिन्दू नेता हैं जो जान हथेली पर रखकर आतंकवाद के खिलाफजन आंदोलन तैयार कर रहे हैं और 2018 में अंबाला शहर में वीरेश शांडिल्य के दफ्तर को आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला समर्थकों ने आग लगा दी थी जिस पर भिंडरावाला के दर्जनों समर्थकों पर अंबाला शहर थाना में एफआईआर 184/18 तत्कालीन एसपी अभिषेक जोरवाल के आदेश पर दर्जनों खालिस्तानियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी जो आज भी मामला अंबाला शहर की अदालत में चल रहा है यही नहीं अंबाला के तत्कालीन एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने वीरेश शांडिल्य को उनकी सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए गुरूद्वारा में भोगों में जाने के लिए मना कर दिया था। आज भी वीरेश शांडिल्य खुलकर खालिस्तान के खिलाफ, अमृतपाल के खिलाफ आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला मुहिम के खिलाफ व देशद्रोही ताकतो ंके खिलाफ टीवी मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से जन आंदोलन छेड़े हुए हैं। यही नहीं अंबाला पुलिस वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और वीरेश शांडिल्य के राजनीतिक विरोधियों के कारण उन्हें आतंकवादियों से मिल रही धमकियों पर दर्ज एफआईआरों को लेकर जांच को गंभीरता से नहीं किया जाता और पाकिस्तानी धमकियों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती और अदालत में अनट्रेस रिर्पोट भेजकर अंबाला पुलिस वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को खतरे में क्यों डालना चाहती यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है।