अदाणी पोर्ट्स ने रचा इतिहास, FY26 में 25% बढ़ा रेवेन्यू, पहली बार 500 MMT कार्गो हैंडल कर बनाया रिकॉर्ड
प्रकाशित: 30-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने FY26 के नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है. दिग्गज लॉजिस्टिक्स कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के नतीजों में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर बाजार को चौंका दिया है. कंपनी ने न सिर्फ अपनी गाइडेंस को पीछे छोड़ा, बल्कि रेवेन्यू और EBITDA दोनों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की. खास बात यह रही कि कंपनी ने पहली बार सालभर में 500 मिलियन मेट्रिक टन से ज्यादा कार्गो हैंडल किया, जो इसके स्केल और ग्रोथ को दिखाता है.
FY26 में रेवेन्यू और EBITDA कितना बढ़ा?
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार बहुत तेज रही.FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹38,736 करोड़ हो गया, जो कि ₹38,000 करोड़ की शुरुआती गाइडेंस से भी ज्यादा है. वहीं कंपनी का EBITDA भी 20% बढ़कर ₹22,851 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी के तय किए गए रेंज से भी आगे रहा.कंपनी के मुनाफे में आई इस बढ़त ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है.
पहली बार 500 MMT कार्गो हैंडल
इस साल अदाणी पोर्ट्स ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है. कंपनी ने पहली बार एक साल में 500 मिलियन मेट्रिक टन से ज्यादा पोर्ट कार्गो हैंडल किया, जो इसकी ऑपरेशनल क्षमता और बढ़ते बिजनेस को दिखाता है.
शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान, ROCE में भी सुधार
अदाणी पोर्ट्स के शानदार नतीजों का सीधा फायदा अब शेयरधारकों को मिलने जा रहा है. कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹7.5 प्रति शेयर डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है. इस डिविडेंड के लिए 12 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. इसके साथ ही FY26 में कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी बढ़कर 16% हो गया है, जो पिछले साल 15% था. यह दिखाता है कि कंपनी अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न कमा रही है.
CEO ने बताया फ्यूचर प्लान, दिसंबर 2030 तक EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य
सीईओ अश्विनी गुप्ता के अनुसार, कंपनी का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत है. कंपनी का लक्ष्य FY31 तक अपने रेवेन्यू और मुनाफे को दोगुना करना है. साथ ही, कंपनी दिसंबर 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडल करने के मिशन पर काम कर रही है.
कर्ज की स्थिति की बात करें तो FY26 के अंत तक कंपनी का ग्रॉस डेट ₹55,103 करोड़ रहा, जबकि कैश बैलेंस ₹12,193 करोड़ था. कंपनी का नेट डेट टू EBITDA 1.9 गुना है, जो बैलेंस शीट की संतुलित स्थिति को दर्शाता है.उन्होंने आगे बताया कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद कंपनी ने अपने टारगेट को पार किया और लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में तेज ग्रोथ देखी गई.
पोर्ट बिजनेस से सबसे ज्यादा ग्रोथ
कंपनी की ग्रोथ में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों पोर्ट्स का बड़ा हाथ रहा.
• डोमेस्टिक पोर्ट्स से रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹25,755 करोड़ हो गया. इस सेगमेंट का EBITDA 14% बढ़कर ₹18,849 करोड़ पहुंचा और मार्जिन 73.2% रहा.
• इंटरनेशनल पोर्ट्स से रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹4,539 करोड़ हो गया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के NQXT और कोलंबो पोर्ट्स के अच्छे प्रदर्शन से बड़ी ग्रोथ देखी गई. EBITDA मार्जिन 13.7% से बढ़कर 28.6% हो गया.
लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में तेजी
लॉजिस्टिक्स बिजनेस का रेवेन्यू 55% बढ़कर ₹4,478 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 34% बढ़कर ₹863 करोड़ रहा.वहीं मरीन ऑपरेशंस ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 134% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और ₹2,681 करोड़ तक पहुंच गया. EBITDA भी 125% बढ़कर ₹1,357 करोड़ हो गया. कंपनी का फ्लीट बढ़कर 136 वेसल्स हो गया है.
कैपेक्स और रेटिंग अपडेट
कंपनी ने FY26 में ₹15,320 करोड़ का कैपेक्स किया. साथ ही CareEdge (BBB+/Stable), India Ratings (AAA/Stable), Moody's (Baa3 Stable) और Fitch (BBB- Stable) जैसी एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग को स्टेबल रखा.
कंपनी ने मार्च 2026 में $199.57 मिलियन और अगस्त 2025 में $386.03 मिलियन के बॉन्ड बायबैक पूरे किए. इसके साथ ही औसत डेट मैच्योरिटी 5.4 साल तक बढ़ गई है. कंपनी का कहना है कि उसका इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन तीनों सेक्टर में ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है. आगे भी कैपेसिटी और सर्विसेज को बढ़ाकर ग्रोथ जारी रखने की योजना है.
FY26 में रेवेन्यू और EBITDA कितना बढ़ा?
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार बहुत तेज रही.FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹38,736 करोड़ हो गया, जो कि ₹38,000 करोड़ की शुरुआती गाइडेंस से भी ज्यादा है. वहीं कंपनी का EBITDA भी 20% बढ़कर ₹22,851 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी के तय किए गए रेंज से भी आगे रहा.कंपनी के मुनाफे में आई इस बढ़त ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है.
पहली बार 500 MMT कार्गो हैंडल
इस साल अदाणी पोर्ट्स ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है. कंपनी ने पहली बार एक साल में 500 मिलियन मेट्रिक टन से ज्यादा पोर्ट कार्गो हैंडल किया, जो इसकी ऑपरेशनल क्षमता और बढ़ते बिजनेस को दिखाता है.
शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान, ROCE में भी सुधार
अदाणी पोर्ट्स के शानदार नतीजों का सीधा फायदा अब शेयरधारकों को मिलने जा रहा है. कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹7.5 प्रति शेयर डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है. इस डिविडेंड के लिए 12 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. इसके साथ ही FY26 में कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी बढ़कर 16% हो गया है, जो पिछले साल 15% था. यह दिखाता है कि कंपनी अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न कमा रही है.
CEO ने बताया फ्यूचर प्लान, दिसंबर 2030 तक EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य
सीईओ अश्विनी गुप्ता के अनुसार, कंपनी का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत है. कंपनी का लक्ष्य FY31 तक अपने रेवेन्यू और मुनाफे को दोगुना करना है. साथ ही, कंपनी दिसंबर 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडल करने के मिशन पर काम कर रही है.
कर्ज की स्थिति की बात करें तो FY26 के अंत तक कंपनी का ग्रॉस डेट ₹55,103 करोड़ रहा, जबकि कैश बैलेंस ₹12,193 करोड़ था. कंपनी का नेट डेट टू EBITDA 1.9 गुना है, जो बैलेंस शीट की संतुलित स्थिति को दर्शाता है.उन्होंने आगे बताया कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद कंपनी ने अपने टारगेट को पार किया और लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में तेज ग्रोथ देखी गई.
पोर्ट बिजनेस से सबसे ज्यादा ग्रोथ
कंपनी की ग्रोथ में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों पोर्ट्स का बड़ा हाथ रहा.
• डोमेस्टिक पोर्ट्स से रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹25,755 करोड़ हो गया. इस सेगमेंट का EBITDA 14% बढ़कर ₹18,849 करोड़ पहुंचा और मार्जिन 73.2% रहा.
• इंटरनेशनल पोर्ट्स से रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹4,539 करोड़ हो गया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के NQXT और कोलंबो पोर्ट्स के अच्छे प्रदर्शन से बड़ी ग्रोथ देखी गई. EBITDA मार्जिन 13.7% से बढ़कर 28.6% हो गया.
लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में तेजी
लॉजिस्टिक्स बिजनेस का रेवेन्यू 55% बढ़कर ₹4,478 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 34% बढ़कर ₹863 करोड़ रहा.वहीं मरीन ऑपरेशंस ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 134% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और ₹2,681 करोड़ तक पहुंच गया. EBITDA भी 125% बढ़कर ₹1,357 करोड़ हो गया. कंपनी का फ्लीट बढ़कर 136 वेसल्स हो गया है.
कैपेक्स और रेटिंग अपडेट
कंपनी ने FY26 में ₹15,320 करोड़ का कैपेक्स किया. साथ ही CareEdge (BBB+/Stable), India Ratings (AAA/Stable), Moody's (Baa3 Stable) और Fitch (BBB- Stable) जैसी एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग को स्टेबल रखा.
कंपनी ने मार्च 2026 में $199.57 मिलियन और अगस्त 2025 में $386.03 मिलियन के बॉन्ड बायबैक पूरे किए. इसके साथ ही औसत डेट मैच्योरिटी 5.4 साल तक बढ़ गई है. कंपनी का कहना है कि उसका इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन तीनों सेक्टर में ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है. आगे भी कैपेसिटी और सर्विसेज को बढ़ाकर ग्रोथ जारी रखने की योजना है.