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सम्राट सरकार ने हटा डाला संजय गांधी का नाम, पर पहले भी कुछ और कहलाता था पटना का चिड़ियाघर

प्रकाशित: 30-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
सम्राट सरकार ने हटा डाला संजय गांधी का नाम, पर पहले भी कुछ और कहलाता था पटना का चिड़ियाघर
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बीजेपी की अगुआई वाली नई सरकार सक्रियता से बड़े फैसले कर रही है. कल, 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के दो सप्ताह के अंदर सम्राट सरकार ने दूसरी बार कैबिनेट बैठक की और इसमें भी कई अहम निर्णय लिए गए. इस बैठक में कुल 64 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इनमें एक बड़ा फैसला पटना के मशहूर चिड़ियाघर का नाम बदलने का है. पटना जू या चिड़ियाघर आधिकारिक तौर पर संजय गांधी जैविक उद्यान (Sanjay Gandhi Botanical Garden) कहलाता है. लेकिन अब ये नाम बदलने का फैसला किया गया है. अब पटना के चिड़ियाघर का नाम पटना जू (Patna Zoo) रखने का फैसला किया गया है. लेकिन, पटना के चिड़ियाघर को पहले भी कुछ और नाम से जाना जाता था.
कब बना था पटना Zoo?
पटना में आज जो चिड़ियाघर है उसकी स्थापना 1969 में की गई थी. लेकिन तब उसे एक बॉटेनिकल गार्डन या वनस्पति उद्यान कहा जाता था. इसके लिए बिहार के तत्कालीन गवर्नर नित्यानंद कानूनगो ने गवर्नर हाउस से 34 एकड़ की जमीन उपलब्ध करवाई थी. इसके बाद गार्डन के लिए 1972 में पीडब्ल्यूडी की 58.2 एकड़ और राजस्व विभाग की 60.75 एकड़ जमीन भी ली गई. इस जमीन को उद्यान के विस्तार के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया.
कब जुड़ा संजय गांधी का नाम?
इसके बाद 1973 से इस पार्क को बायोलॉजिकल पार्क या जैविक उद्यान के तौर पर विकसित किया जाने लगा. इसमें वनस्पति उद्यान या बॉटेनिकल गार्डन के अलावा जू भी बनाया गया. वर्ष 1980 में इस पार्क का नाम संजय गांधी जैविक उद्यान (Sanjay Gandhi Biological Park) रख दिया गया.
यह बिहार का एकमात्र बायोलॉजिक पार्क है. यहां लगभग 110 प्रजातियों के 800 से ज्यादा जानवर हैं. साथ ही वनस्पति उद्यान में 300 से अधिक प्रजातियों के पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां लगाई गई हैं.