एआई सेवाओं से भारतीय आईटी कंपनियों को 10-12 अरब डॉलर का राजस्व: नासकॉम
प्रकाशित: 27-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। भारतीय प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग को कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित सेवाओं से 10-12 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व अर्जित करने का अनुमान है और करीब एक-चौथाई कंपनियां एआई के प्रयोगों को सफलतापूर्वक उत्पादन स्तर पर लागू कर चुकी हैं। न्यूयॉर्क में आयोजित नासकॉम यूएस सीईओ फोरम में उद्योग जगत के दिग्गजों ने उन चिंताओं को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि एआई के आने से पारंपरिक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं का महत्व कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एआई के इस दौर में भी वैश्विक कंपनियों के बदलाव में आईटी क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। नासकॉम के अनुसार, एआई से उत्पादकता बढ़ेगी और मानकीकृत तथा दोहराए जाने वाले कार्यों का दायरा घटेगा। हालांकि, इसके साथ ही एआई के उपयोग के लिए आंकड़ों को तैयार और व्यवस्थित करने, अनुप्रयोगों के आधुनिकीकरण, विभिन्न प्रौद्योगिकियों के एकीकरण, एआई प्रशासन, साइबर सुरक्षा, एजेंट प्रबंधन तथा उद्योग-विशिष्ट समाधानों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।